Sirsatti Gram Panchayat : सुकमा (कृष्णा नायक)। बस्तर संभाग के सुकमा जिले में विकास के दावों के बीच ग्राम पंचायत सिरसट्टी के ग्रामीणों ने बदहाली की एक दर्दनाक तस्वीर पेश की है। शनिवार को ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि वे ‘नियद नेलानार’ (आपका अच्छा गांव) क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, फिर भी यहाँ विकास की किरण नहीं पहुँची है।
बिजली और पानी का भारी संकट: 8 साल से अंधेरे में गांव
ग्रामीणों ने शिकायत की है कि गांव में बिजली की लाइन तो बिछी है, लेकिन पिछले 8 वर्षों से ट्रांसफार्मर खराब पड़ा है। विभाग द्वारा टूटे तारों की मरम्मत न किए जाने से ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। वहीं, पेयजल की स्थिति भी बदतर है:
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पटेलपारा: यहाँ पिछले 2 वर्षों से हैंडपंप खराब है, जिससे ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।
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नंदापारा: नल-जल योजना के तहत पानी की टंकी तो बनी है, लेकिन केवल एक सिंटेक्स होने के कारण हर घर तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है।

अधूरा डामरीकरण और नेटवर्क की समस्या
गांव के संचार और आवागमन की स्थिति भी चिंताजनक है। लगभग दो वर्ष पूर्व शुरू हुआ सड़क डामरीकरण का कार्य आज भी अधूरा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार कार्य में भारी लापरवाही बरत रहा है और शिकायत करने पर टालमटोल करता है। इसके अलावा, गांव में मोबाइल नेटवर्क न होने से संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप है।
शिक्षा और राशन के लिए मशक्कत
सिरसट्टी के छात्रों और ग्रामीणों को राशन लेने के लिए केलापाल स्थित उचित मूल्य की दुकान जाना पड़ता है। खराब सड़क और दूरी के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में ₹100 तक खर्च करने पड़ते हैं, जिसका सीधा असर गरीब परिवारों और छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। पटेलपारा से नंदापारा के बीच आवागमन सुगम बनाने के लिए ग्रामीणों ने तीन पुलिया निर्माण की भी मांग की है।
प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि पंचायत क्षेत्र में भूमि विवाद और नाम कटने-जुड़ने जैसी प्रशासनिक समस्याएं भी लंबित हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इन मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो गांव का जनजीवन और अधिक कष्टकारी हो जाएगा।











