Singrauli News: सिंगरौली/सिंगरौली जिले के सरई क्षेत्र की कोयला खदानों में कार्यरत आउटसोर्स एवं ओबी कंपनियों द्वारा कॉमर्शियल डीजल के बजाय सामान्य उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध डीजल के उपयोग के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मंगलवार को अमिलिया कोल माइंस जा रहे 10 हजार लीटर डीजल से भरे एक टैंकर को आंदोलनरत विस्थापितों ने रोककर बरगवां तहसीलदार के हवाले कर दिया। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच की बात कही है।
Singrauli News: जानकारी के अनुसार पचौर क्षेत्र में विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे विस्थापितों ने अमिलिया (पिड़रवाह) ओपन कोल माइंस की ओर जा रहे एक डीजल टैंकर को रोक लिया। चालक से पूछताछ के दौरान मिले दस्तावेजों में उल्लेख था कि टैंकर में मोरवा स्थित सिंगरौली सर्विस स्टेशन से 10 हजार लीटर हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) भरा गया था, जिसे अमिलिया माइंस में कार्यरत धनसार इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के लिए ले जाया जा रहा था।
विस्थापितों का आरोप है कि खनन और औद्योगिक कार्यों में लगी कंपनियों को नियमानुसार कॉमर्शियल डीजल का उपयोग करना चाहिए, लेकिन कई कंपनियां आम उपभोक्ताओं और किसानों के लिए उपलब्ध डीजल का उपयोग कर रही हैं। उनका कहना है कि वर्तमान समय खेती-किसानी का मौसम है और किसानों को डीजल की आवश्यकता है, ऐसे में बड़ी मात्रा में सामान्य डीजल का औद्योगिक उपयोग चिंता का विषय है।
Singrauli News: करीब 10 लाख रुपये मूल्य का था डीजल
Singrauli News: चालक के पास उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार टैंकर में भरे 10 हजार लीटर डीजल की कीमत 9 लाख 97 हजार 800 रुपये दर्शाई गई थी। दस्तावेजों के आधार पर विस्थापितों ने मामले की जानकारी बरगवां तहसीलदार को दी, जिसके बाद टैंकर को प्रशासनिक अभिरक्षा में लिया गया।
Singrauli News: प्रशासन करेगा नियमों की जांच
Singrauli News: बरगवां तहसीलदार दीपेंद्र सिंह तिवारी ने बताया कि टैंकर को विस्थापितों द्वारा प्रशासन के सुपुर्द किया गया है। दस्तावेजों की जांच की जा रही है तथा संबंधित कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि खनन एवं औद्योगिक गतिविधियों में डीजल के उपयोग संबंधी क्या नियम हैं और उनका पालन किया जा रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Singrauli News: किसानों ने उठाए सवाल
Singrauli News: मामले को लेकर स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि औद्योगिक इकाइयों में बड़े पैमाने पर सामान्य डीजल का उपयोग किया जा रहा है, तो इसका असर आम उपभोक्ताओं और किसानों की उपलब्धता पर पड़ सकता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।









