Singrauli News: सिंगरौली। शहर के गली-मोहल्लों और रहवासी इलाकों में कुकरमुत्तों की तरह खुलते जा रहे स्पा सेंटरों ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बाजार क्षेत्र से लेकर कॉलोनियों तक संचालित इन स्पा सेंटरों के संबंध में न तो नगर निगम सिंगरौली ने कोई गुमास्ता लाइसेंस जारी किया है और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। इसके बावजूद सवाल उठ रहे हैं कि बिना अनुमति चल रहे स्पा सेंटरों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि दिन-भर बाहरी लोगों की आवाजाही और भीड़ के कारण कॉलोनियों का माहौल बिगड़ रहा है। अधिकांश स्पा सेंटर शासन द्वारा तय नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज कर संचालित हो रहे हैं।
Singrauli News: स्पा सेंटर संचालन के नियम
Singrauli News: शासन के निर्देशानुसार स्पा सेंटर खोलने से पहले निकाय संस्था से गुमास्ता लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके साथ ही— कमरों में पर्याप्त रोशनी,दरवाजों में कुंडी नहीं, पुरुष-महिला के लिए अलग-अलग कमरे व शौचालय, सीसीटीवी कैमरे, आने-जाने वालों का रजिस्टर में रिकॉर्ड, लेकिन शहर में चल रहे अधिकांश स्पा सेंटरों में इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। जानकारों का दावा है कि अन्य राज्यों से आए लोग भी सिंगरौली के स्पा सेंटरों में काम कर रहे हैं। जांच न होने के कारण बाहरी लोग आसानी से यहां ठिकाना बना लेते हैं, जिससे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
Singrauli News: “सबका बंधा है हिस्सा?”
Singrauli News: नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि एक भी स्पा सेंटर को संचालन की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद सैकड़ों स्पा सेंटर खुलेआम चल रहे हैं। लोगों का आरोप है कि अवैध संचालन के बदले महीने की मोटी रकम हिस्सेदारी में बंटती है, इसी कारण कोई कार्रवाई नहीं करता।
Singrauli News: स्पा की आड़ में अनैतिक गतिविधियां
Singrauli News: सूत्रों के अनुसार नवानगर, वैढ़न, विंध्यनगर और मोरवा क्षेत्र मिलाकर 20 से अधिक स्पा सेंटर संचालित हैं। कई जगह स्पा की आड़ में अनैतिक गतिविधियों के संचालन की भी शिकायतें हैं। पिछले वर्ष बिलौंजी क्षेत्र में पुलिस ने दबिश देकर एक दर्जन से अधिक युवतियों का रेस्क्यू किया था, जिनमें असम, बंगाल और दिल्ली की लड़कियां शामिल थीं।
Singrauli News: जिम्मेदारी तय नहीं
Singrauli News: अवैध स्पा सेंटरों पर कार्रवाई को लेकर विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। नगर निगम का कहना है कि पुलिस सहयोग नहीं करती, जबकि पुलिस का तर्क है कि समय पर जानकारी नहीं दी जाती। सवाल यह भी है कि जिन भवनों में स्पा सेंटर चल रहे हैं, उन्हें सील या टैक्स कार्रवाई के दायरे में क्यों नहीं लाया जा रहा।











