Singrauli News: बिना पर्यावरण अनुमित के चल रहा कॉन्क्रीट ब्लॉक प्लांट, प्रदूषण से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित

Singrauli News: सिंगरौली। जिले में औद्योगिक गतिविधियों के नाम पर पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी लगातार सामने आ रही है। नगर पालिक निगम सिंगरौली के वार्ड क्रमांक 45 अंतर्गत ग्राम नौगढ़, ट्रांसपोर्ट नगर के समीप संचालित कॉन्क्रीट ब्लॉक निर्माण इकाई क्यू ग्रीन टेककॉन प्रा. लि. पर गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों का आरोप है कि यह प्लांट बिना किसी पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों का पालन किए भारी मात्रा में कॉन्क्रीट ब्लॉक का उत्पादन कर रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है।

Singrauli News: ग्रामीणों के अनुसार प्लांट से लगातार उड़ने वाली धूल और सूक्ष्म कणों के कारण गांव का वातावरण दूषित हो चुका है। सुबह-शाम हवा में सीमेंट और कंक्रीट के कण तैरते नजर आते हैं, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को सांस लेने में परेशानी हो रही है। कई ग्रामीणों ने दमा, खांसी, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याओं के बढ़ने की शिकायत भी की है। हैरानी की बात यह है कि धूल नियंत्रण के लिए न तो स्प्रे सिस्टम लगाया गया है और न ही ग्रीन बेल्ट अथवा अन्य आवश्यक पर्यावरणीय उपाय अपनाए गए हैं।

Singrauli News: सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस पूरे मामले में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीपीसीबी), सिंगरौली ने यह स्पष्ट किया है कि संबंधित प्लांट ने विभाग से स्थापना एवं उत्पादन की अनुमति (Consent to Establish/Operate) तक नहीं ली है। नियमों के अनुसार किसी भी औद्योगिक इकाई को संचालन से पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति लेना अनिवार्य होता है, लेकिन इसके बावजूद यह प्लांट धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Singrauli News: ज़िले में बिना अनुमति के कई औद्योगिक प्लांट संचालित,,,?

Singrauli News: यह मामला केवल एक प्लांट तक सीमित नहीं है। सिंगरौली जिले में ऐसे कई औद्योगिक प्लांट संचालित होने की चर्चा है, जो एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के नियमों और पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। आरोप है कि प्रदूषण विभाग और अन्य जिम्मेदार अधिकारी इन मामलों में या तो आंखें मूंदे बैठे हैं या फिर जांच के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं। विभाग द्वारा कागजों में किए गए दावे जमीनी हकीकत से बिल्कुल उलट नजर आते हैं।

Singrauli News: स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब लगातार मीडिया में खबरें प्रकाशित हो रही हैं और शिकायतें सामने आ रही हैं, तब भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। क्या नियमों के विपरीत संचालित इन प्लांटों के पीछे अधिकारियों की मिलीभगत है, या फिर किसी तरह का कमीशन सिस्टम काम कर रहा है, जिसके चलते पारदर्शी कार्रवाई नहीं हो पा रही? यही कारण है कि आम जनता में प्रशासन और प्रदूषण विभाग की भूमिका को लेकर गंभीर संदेह पैदा हो रहा है।

Singrauli News: निष्पक्ष जांच की उठी माँग

Singrauli News: ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अवैध रूप से संचालित कॉन्क्रीट ब्लॉक प्लांट पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही जिले में चल रहे अन्य ऐसे प्लांटों की भी जांच कर एनजीटी और पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को हो रहे गंभीर नुकसान से बचाया जा सके। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और प्रदूषण विभाग इस गंभीर मामले में कब तक और क्या ठोस कदम उठाते हैं।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories