Singrauli Liquor Shop Protest 2026 : सिंगरौली | 29 मार्च 2026 सिंगरौली के पॉश और शांत रिहायशी इलाके नवजीवन विहार सेक्टर-4 एवं बनौली क्षेत्र में प्रस्तावित एक नई शराब दुकान ने विवाद खड़ा कर दिया है। स्थानीय निवासियों ने आवासीय क्षेत्र के बीचों-बीच शराब की दुकान खोलने के निर्णय को अनुचित बताते हुए इसके खिलाफ आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। क्षेत्रवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग करने जा रहा है।
विस्थापन के प्लॉट पर ‘मधुशाला’ की तैयारी?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एनटीपीसी विस्थापन (NTPC Displacement) के तहत प्लॉट क्रमांक 234 (आवंटित: कृष्णा राम शाह, पिता जनक लाल शाह) पर शराब दुकान के संचालन के लिए भवन तैयार किया जा रहा है। निवासियों का कहना है कि यह पूरा क्षेत्र ‘प्योर रेजिडेंशियल’ (आवासीय) है, जहाँ सैकड़ों परिवार, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग निवास करते हैं। ऐसे में यहाँ व्यावसायिक स्तर पर शराब की बिक्री क्षेत्र की शांति भंग कर देगी।
निशुल्क कोचिंग संस्थान पर संकट
विरोध का एक मुख्य कारण शिक्षा और बच्चों का भविष्य भी है। निवासियों ने बताया कि प्रस्तावित स्थल के बिल्कुल पास एक कोचिंग संस्थान संचालित है, जहाँ पिछले कई वर्षों से गरीब और जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। नागरिकों का तर्क है कि यदि यहाँ शराब दुकान खुलती है, तो असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ेगा, जिससे पढ़ने आने वाले बच्चों, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा।
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की चिंता
क्षेत्रवासियों ने अपनी आपत्तियों में निम्नलिखित प्रमुख बिंदु उठाए हैं:
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असामाजिक तत्वों का जमावड़ा: शराब दुकान के कारण बाहरी लोगों और नशेड़ियों की आवाजाही बढ़ेगी।
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महिलाओं की सुरक्षा: आवासीय क्षेत्र होने के कारण महिलाओं और लड़कियों का घर से निकलना दूभर हो जाएगा।
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नियमों का उल्लंघन: निवासियों का दावा है कि शैक्षणिक संस्थान और रिहायशी आबादी के पास शराब दुकान खोलना आबकारी नियमों के विरुद्ध है।
प्रशासन को चेतावनी: “अनुमति निरस्त करें या आंदोलन झेलें”
नवजीवन विहार के नागरिकों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी कीमत पर अपने पड़ोस में शराब की दुकान बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से मांग की है कि जनहित और बच्चों की शिक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रस्तावित दुकान की अनुमति को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को बाध्य होंगे।











