Silver Price : नई दिल्ली। सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट की तमाम अटकलें गलत साबित होती दिख रही हैं। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को दोनों कीमती धातुओं ने नया इतिहास रच दिया। चांदी ने खुलते ही ऐसा उछाल मारा कि पहली बार 1 किलो चांदी का भाव 3 लाख रुपये के पार पहुंच गया, जबकि सोना भी तेज तेजी के साथ नए रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंचा।
Silver Price : चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड
Silver Price : मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार को कारोबार शुरू होते ही चांदी की कीमत में 13,553 रुपये की जबरदस्त तेजी आई। इसके साथ ही 1 किलो चांदी का भाव 3,01,315 रुपये प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को चांदी 2,87,762 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।
Silver Price : जनवरी में ही 65 हजार से ज्यादा महंगी
Silver Price : बीते साल 2025 में शानदार तेजी के बाद 2026 की शुरुआत में भी चांदी ने निवेशकों को चौंका दिया है। जनवरी महीने में अब तक चांदी की कीमत 65,614 रुपये प्रति किलो तक बढ़ चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को जहां चांदी 2,35,701 रुपये प्रति किलो थी, वहीं अब यह 3 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है।
Silver Price : सोने में भी जबरदस्त उछाल
Silver Price : चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। शुक्रवार को MCX पर 5 फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1,42,517 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोमवार को खुलते ही यह 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। यानी एक ही झटके में सोना करीब 2,983 रुपये महंगा हो गया।साल की शुरुआत से अब तक सोना भी 9,696 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो चुका है। 31 दिसंबर 2025 को इसका भाव 1,35,804 रुपये था।
Silver Price : क्यों चमक रहे हैं सोना-चांदी?
Silver Price : विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक तनाव और अंतरराष्ट्रीय राजनीति की अनिश्चितता इस तेजी की मुख्य वजह है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों, यूरोपीय देशों के साथ बढ़ते व्यापारिक तनाव और ग्रीनलैंड को लेकर चल रही खींचतान से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना और चांदी की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इनके दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
Silver Price : निवेश से पहले सलाह जरूरी
Silver Price : विशेषज्ञों का कहना है कि सोना-चांदी में निवेश से पहले बाजार की स्थिति और अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना जरूरी है, क्योंकि इतनी तेज तेजी के बाद उतार-चढ़ाव की संभावना भी बनी रहती है।













