निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के एक बुजुर्ग को हनीट्रैप में फंसाकर आरोपियों ने उससे करीब 33 लाख रुपये ऐंठ लिए।
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी रकम वसूलने के बाद भी आरोपी शांत नहीं हुए और अब 20 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहे थे।
मंदिर से शुरू हुई साजिश
पीड़ित रमेशचंद्र के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत साल 2023 में हुई, जब उनकी मुलाकात शिव मंदिर भरड़ में पार्वती बैरागी नाम की महिला से हुई।
पहले दोस्ती और फिर लगातार बातचीत के जरिए महिला ने भरोसा जीता। इसके बाद मोबाइल और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क बढ़ाया गया, जो धीरे-धीरे एक साजिश में बदल गया।
वीडियो कॉल बना ब्लैकमेल का हथियार
आरोपी महिला ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के दौरान बुजुर्ग की रिकॉर्डिंग कर ली। बाद में इसी वीडियो को आधार बनाकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी गई।
महिला और उसके साथी—राजेंद्र बैरागी, शरद बैरागी और संजना बैरागी—ने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा और झूठे दुष्कर्म के केस में फंसा दिया जाएगा।
किस्तों में वसूले 33 लाख रुपये
बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से पीड़ित ने शुरुआत में 5 हजार रुपये दिए। लेकिन धीरे-धीरे आरोपियों का दबाव बढ़ता गया और उन्होंने अलग-अलग किस्तों में 5 लाख, 7 लाख सहित कुल 33 लाख रुपये वसूल लिए।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने बुजुर्ग से कई शपथ पत्रों पर भी जबरन हस्ताक्षर करवा लिए, जिससे उनका दबाव और बढ़ गया।
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अब 20 लाख की और मांग, तब टूटा सब्र
लगातार वसूली के बावजूद आरोपियों का लालच खत्म नहीं हुआ। उन्होंने 12 अप्रैल 2026 तक 20 लाख रुपये और देने का दबाव बनाया और पैसे न देने पर जान से मारने और बदनाम करने की धमकी दी।आखिरकार परेशान होकर पीड़ित ने पुलिस की शरण ली और कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी संतोष बघेल ने तुरंत एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह गिरोह अन्य लोगों को भी अपना शिकार तो नहीं बना चुका।











