Sehore Pulse Conference 2026 : सीहोर/अमलाहा : मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के अमलाहा स्थित इकार्डा (ICARDA) केंद्र में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय दलहन सम्मेलन देश की कृषि नीति के लिए मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, दो केंद्रीय मंत्रियों और 9 राज्यों के कृषि मंत्रियों ने शिरकत कर देशभर में दालों के उत्पादन और किसानों की आय दोगुनी करने पर विस्तृत चर्चा की।
नए रोडमैप की तैयारी
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत को दलहन आयात से मुक्त कर आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम के बाद देशभर से आए कृषि वैज्ञानिकों और मंत्रियों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के निष्कर्षों के आधार पर एक नया दलहन रोडमैप तैयार किया जा रहा है, जो अगले 5 वर्षों के लिए देश की दाल उत्पादन रणनीति को तय करेगा।
उन्नत सुविधाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर इकार्डा परिसर में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों का उद्घाटन किया:
- प्रशासनिक भवन: केंद्र के बेहतर प्रबंधन के लिए।
- किसान प्रशिक्षण केंद्र: जहाँ किसानों को दलहन की आधुनिक खेती के गुर सिखाए जाएंगे।
- उन्नत प्रयोगशालाएं: बीजों की गुणवत्ता और मिट्टी परीक्षण के लिए विश्वस्तरीय लैब।
8 राज्यों को बजट पत्र का वितरण
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश सहित देश के 8 राज्यों को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए बजेट पत्र वितरित किए। यह बजट विशेष रूप से दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के लिए आवंटित किया गया है।
मुख्यमंत्री का संबोधन
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी प्रगति कर रहा है। मध्य प्रदेश आज कई फसलों के उत्पादन में देश में अग्रणी है और दलहन के क्षेत्र में भी हम नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। प्रधानमंत्री जी के फैसले सीधे तौर पर किसानों के हितों की रक्षा कर रहे हैं।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश
इस सम्मेलन के माध्यम से सीहोर का अमलाहा केंद्र अब न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए दलहन अनुसंधान का मुख्य केंद्र बनकर उभरा है।













