SBI Chief Manager arrested : रायपुर। छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बैंकिंग धोखाधड़ी के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के चीफ मैनेजर विजय कुमार आहके को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर बैंक के इंटरनल अकाउंट से लगभग 2.78 करोड़ रुपये (₹2,78,25,491) की अवैध निकासी कर सरकारी धन के गबन का गंभीर आरोप है। यह कार्रवाई एसबीआई रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय की शिकायत पर दर्ज अपराध क्रमांक 67/2025 के तहत की गई है।
SBI Chief Manager arrested : जांच में खुलासा हुआ कि विजय कुमार आहके स्पेशलाइज्ड करेंसी मैनेजमेंट शाखा (SCAB) के प्रमुख के रूप में पदस्थ थे। यह शाखा अन्य बैंक शाखाओं को नकदी पहुंचाने और प्रबंधन जैसे संवेदनशील कार्यों के लिए जिम्मेदार होती है। आरोपी ने इसी पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक के इंटरनल ऑफिस अकाउंट (सस्पेंस अकाउंट) को अपना निशाना बनाया। इस खाते की कोई सीमा तय नहीं होने के कारण आरोपी ने इसे ‘ब्लैंक चेक’ की तरह इस्तेमाल किया और पिछले आठ महीनों के दौरान योजनाबद्ध तरीके से राशि अपनी और अपनी पत्नी के बैंक खातों में ट्रांसफर की।
SBI Chief Manager arrested : एसीबी के अनुसार, आरोपी ने बैंक की सुरक्षा प्रणाली ‘रेड फ्लैग इंडिकेटर’ (RFI) को भी चकमा देने के लिए डिजिटल हेराफेरी की। आमतौर पर यह सिस्टम 30 दिनों में संदिग्ध लेनदेन का अलर्ट जनरेट करता है, लेकिन विजय ने मल्टीपल फेक एंट्रीज और ‘रोलओवर’ तकनीक का सहारा लिया, जिससे सिस्टम में कोई चेतावनी नहीं आई। हैरानी की बात यह है कि महीनों तक चली इस धोखाधड़ी और फेक एंट्रीज को बैंक के किसी भी सहकर्मी या सुपरवाइजरी अधिकारी ने समय रहते डिटेक्ट नहीं किया।
SBI Chief Manager arrested : गबन की गई इस भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल आरोपी ने निवेश के बजाय जुए जैसे जोखिम भरे वित्तीय लेनदेन में किया। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी ने चोरी की गई राशि को क्रिप्टो करेंसी, ऑप्शंस और कमोडिटी ट्रेडिंग में झोंक दिया। इसके लिए उसने ‘धन ऐप’ और ‘डेल्टा एक्सचेंज’ जैसे प्लेटफॉर्म्स का उपयोग किया। सरकारी निधियों का इस प्रकार दुरुपयोग होने से बैंक की विश्वसनीयता को गहरा झटका लगा है।
SBI Chief Manager arrested : एसीबी की टीम ने आरोपी के निवास पर सर्च ऑपरेशन चलाकर महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस और दस्तावेज जब्त किए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद विजय कुमार आहके को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। एसीबी ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में बैंकिंग प्रणाली में अंतरिम निगरानी की कमी और सहकर्मियों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है, जिससे आने वाले समय में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।











