सतना (मध्यप्रदेश): मध्यप्रदेश को यूं ही “अजब है, सबसे गजब है” नहीं कहा जाता। सतना जिले से सामने आए एक हैरान करने वाले मामले ने न केवल मरीज को, बल्कि पूरे स्वास्थ्य विभाग को सवालों के घेरे में ला दिया है। यहां एक पुरुष नेता की सोनोग्राफी रिपोर्ट में पेट में बच्चा और उल्टा गर्भाशय होने का दावा किया गया, जिसके बाद पूरे शहर में चर्चा का माहौल बन गया।
पेट दर्द की जांच कराने पहुंचे थे नेताजी
मामला 13 जनवरी का बताया जा रहा है, जब सतना के स्टेशन रोड स्थित एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में एक स्थानीय नेता पेट दर्द की शिकायत लेकर सोनोग्राफी कराने पहुंचे। जांच के बाद जो रिपोर्ट सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया। रिपोर्ट में लिखा गया कि मरीज के पेट में “उल्टा गर्भाशय” है और उसमें “भ्रूण” मौजूद है।
रिपोर्ट देखकर उड़े होश
जब नेताजी ने सोनोग्राफी रिपोर्ट पढ़ी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पुरुष मरीज में गर्भावस्था जैसी मेडिकल शब्दावली देखकर उन्होंने तुरंत सवाल खड़े किए। इसके बाद मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाई गई।
डायग्नोस्टिक सेंटर पहले भी विवादों में
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिस डायग्नोस्टिक सेंटर से यह रिपोर्ट जारी हुई है, वह पहले भी गलत रिपोर्ट, तकनीकी लापरवाही और अनियमितताओं के आरोपों में घिर चुका है। बताया जा रहा है कि पूर्व में इसे कुछ समय के लिए बंद भी कराया गया था, लेकिन बाद में दोबारा संचालन शुरू हो गया।
Read More : मध्य प्रदेश में मावठे की बारिश का अलर्ट, 23-24 जनवरी को बदलेगा मौसम
डॉक्टर और प्रबंधन ने साधी चुप्पी
जब मीडिया ने इस रिपोर्ट को लेकर सेंटर से जुड़े डॉ. अरविंद सराफ से प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। वहीं, सेंटर प्रबंधन भी सवालों से बचता नजर आया, जिससे संदेह और गहरा गया।
CMHO ने दिए जांच के आदेश
इस पूरे मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर जांच में लापरवाही या फर्जी रिपोर्टिंग पाई गई, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों की कार्यप्रणाली, मेडिकल स्टाफ की योग्यता और मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।













