Sarhul Cultural Meet Surguja : अंबिकापुर | 28 मार्च 2026 सरगुजा जिले की हृदयस्थली अंबिकापुर में उरांव समाज को विकसित, संस्कारित और जागृत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। कार्यालय उरांव समाज मूली पड़हा, अंबिकापुर द्वारा कल, रविवार (29 मार्च) को स्थानीय राजमोहिनी देवी भवन में दोपहर 12:00 बजे से ‘सरहुल पूर्व सांस्कृतिक सम्मेलन 2026’ का भव्य आयोजन प्रस्तावित है।
विविध प्रतियोगिताओं से उभरेगी सामाजिक प्रतिभा समाज के देवान उमेश कुमार भगत ने बताया कि पिछले सप्ताह आयोजित निबंध, भाषण और कुरुख संस्कृति ज्ञान परीक्षा की सफलता के बाद अब सांस्कृतिक विधाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में आधुनिक और पारंपरिक दोनों कलाओं का संगम देखने को मिलेगा। प्रतियोगिताओं की सूची में प्रमुख आकर्षण इस प्रकार हैं:
-
सांस्कृतिक गौरव: आदिवासी संस्कृति फैशन शो, एकल एवं सामूहिक पारंपरिक नृत्य (करम, डोमकच, सरहुल), और कुरुख शब्दावली पर आधारित अंताक्षरी।
-
आधुनिक विधाएं: आधुनिक एकल एवं सामूहिक नृत्य, एकल गायन और वादन (मांदर, बांसुरी, ढोलक, तबला)।
-
बौद्धिक एवं रचनात्मक: चित्रकला और स्वयं के द्वारा बनाए गए मॉडल/आविष्कार की प्रदर्शनी।
विजेताओं का होगा सम्मान इस गरिमामयी कार्यक्रम में केवल नई प्रतियोगिताएं ही नहीं होंगी, बल्कि पिछले सप्ताह आयोजित की गई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी मंच पर पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया जाएगा। समाज के प्रबुद्ध जनों ने चित्रकला और मॉडल प्रदर्शन के प्रतिभागियों को कार्यक्रम शुरू होने से एक घंटे पूर्व (सुबह 11:00 बजे) पहुँचकर अपनी कलाकृतियां प्रदर्शित करने का आग्रह किया है।
सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की पहल उरांव समाज अंबिकापुर की यह पहल न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, भाषा (कुरुख) और पारंपरिक वाद्ययंत्रों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। समाज ने सभी स्वजातीय बंधुओं को सपरिवार इस आयोजन में शामिल होकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया है।











