Sanchar Saathi App : विवादों के बीच अब हर नए स्मार्टफोन में संचार साथी ऐप होगा प्री-इंस्टॉल! जानें क्यों साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए जरुरी

Rahul Goshwami
संचार साथी ऐप अब अनिवार्य

नई दिल्ली: भारत सरकार ने नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा को बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी मोबाइल कंपनियों को निर्देश दिया है कि नए स्मार्टफोन में ‘संचार साथी’ ऐप को प्री-इंस्टॉल करना अनिवार्य होगा। यह कदम नकली और चोरी हुए हैंडसेट को पहचानने और साइबर फ्रॉड को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।

विवाद और विपक्ष की प्रतिक्रिया
हालांकि इस ऐप को लेकर विरोध भी तेज हो गया है। विपक्ष का कहना है कि यह कदम तानाशाही है और इससे नागरिकों की प्राइवेसी खतरे में है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे ‘जासूसी ऐप’ करार दिया और सरकार पर नागरिकों की निजता में दखल देने का आरोप लगाया।

सिंधिया का स्पष्ट बयान: ऑप्शनल है ऐप
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस विवाद को दूर करते हुए कहा कि ऐप को मोबाइल में रखना या हटाना पूरी तरह उपयोगकर्ता की पसंद पर निर्भर है। उन्होंने कहा, “इसमें कोई जासूसी नहीं होती और न ही कॉल मॉनीटरिंग की जाती है। आप इसे एक्टिवेट करना चाहें तो करें, नहीं तो डिलीट कर दें।”

साइबर फ्रॉड रोकने में मददगार
संचार साथी ऐप डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करेगा। इसके जरिए उपयोगकर्ता अपने मोबाइल के IMEI नंबर की जांच कर सकते हैं और नकली या छेड़छाड़ किए गए फोन की पहचान कर सकते हैं। इसके अलावा चोरी या गुम हुए फोन की रिपोर्ट दर्ज कर उसे ब्लॉक किया जा सकता है। इस कदम से फर्जी सिम, साइबर धोखाधड़ी और टेलीकॉम सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

नई गाइडलाइन और अनुपालन
DoT के निर्देश के अनुसार भारत में निर्मित या इम्पोर्ट किए जाने वाले सभी नए स्मार्टफोन में यह ऐप इंस्टॉल होना जरूरी है। ऐप में ऑटोमैटिक अपडेट की सुविधा होगी और 90 दिनों के भीतर कंपनियों को इसे लागू करना होगा। पुराने स्मार्टफोन में भी अपडेट के जरिए इसे इंस्टॉल किया जाएगा।

इस दिशा में उठाया गया कदम साइबर सुरक्षा को मजबूती देने और डिजिटल धोखाधड़ी पर रोक लगाने की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *