Rice smuggling racket exposed : कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में धान तस्करी रोकने के लिए तैनात प्रशासनिक अधिकारियों पर ही इस अवैध कारोबार में शामिल होने का गंभीर आरोप लगा है। रेंगाखर क्षेत्र में ग्रामीणों ने एक चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार प्रेमनारायण साहू को पिकअप और माज़दा वाहन में भरा अवैध धान मध्य प्रदेश की सीमा से छत्तीसगढ़ पार कराते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस पूरी घटना का ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह धान तस्करी का कोई इकलौता मामला नहीं है। उनके अनुसार, आधी रात के अंधेरे में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से लगातार कई क्विंटल अवैध धान मध्य प्रदेश से कवर्धा जिले में लाया जा रहा था, जिससे राज्य सरकार को वित्तीय नुकसान हो रहा है। यह घटना तब सामने आई जब ग्रामीणों ने स्वयं ही सतर्कता दिखाते हुए इन वाहनों को रोका और नायब तहसीलदार को मौके पर पकड़ा।
Rice smuggling racket exposed : यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि सीमावर्ती इलाकों में धान तस्करी रोकने के लिए बेरिकेड और सरकारी कर्मचारी तैनात किए गए हैं। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से बताया है कि रेंगाखर बेरिकेड पर अक्सर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं रहता, जिसके चलते तस्करों के हौसले बुलंद हैं। उनकी इस लापरवाही का फायदा उठाकर यह अवैध कारोबार बेरोक-टोक चल रहा था, जिसने अब प्रशासनिक मिलीभगत का रूप ले लिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही और कथित मिलीभगत के कारण सरकार द्वारा बनाया गया सिस्टम धान तस्करी रोकने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। उनका सीधा आरोप है कि ये अधिकारी और कर्मचारी राज्य सरकार को नुकसान पहुंचाते हुए अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं, जबकि उन्हें ही इसे रोकने की जिम्मेदारी दी गई है।
इस घटना के बाद, जिलाधिकारी और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। ग्रामीणों द्वारा बनाया गया वीडियो और लगाए गए सीधे आरोप प्रशासन की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। इस पूरे मामले में नायब तहसीलदार की संलिप्तता की गहन जांच और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।











