Rewa Temple Rush 2026 : रीवा: वर्ष 2026 के प्रथम दिन की शुरुआत रीवा वासियों ने पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ की। गुरुवार की सुबह होते ही शहर और ग्रामीण इलाकों के मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लग गया। परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने भगवान से सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद मांगा। भीड़ इतनी अधिक थी कि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।
प्रमुख मंदिरों में ‘पैर रखने की जगह नहीं’
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चिरहुला नाथ मंदिर: हनुमान जी के इस सिद्ध पीठ पर सबसे अधिक भीड़ देखी गई। यहां सुबह से रात तक करीब 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। स्थिति ऐसी थी कि मंदिर परिसर में पैर रखना भी मुश्किल हो गया था।
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महामृत्युंजय मंदिर (किला): भगवान शिव के अद्भुत महामृत्युंजय रूप के दर्शन के लिए 50 हजार से अधिक भक्त कतारों में लगे रहे।
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देवतालाब शिव मंदिर: जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल देवतालाब में भी करीब 60 से 70 हजार भक्तों ने जलाभिषेक किया।
श्रद्धालुओं का आधिकारिक आंकड़ा (अनुमानित)
प्रशासन और मंदिर समितियों के अनुसार, नए साल के पहले दिन विभिन्न मंदिरों में पहुंचने वाले भक्तों की संख्या कुछ इस प्रकार रही:
| मंदिर का नाम | श्रद्धालुओं की संख्या |
| चिरहुला नाथ मंदिर | 1,00,000 + |
| देवतालाब शिव मंदिर | 60,000 – 70,000 |
| भैरवनाथ मंदिर | 50,000 – 60,000 |
| महामृत्युंजय मंदिर | 50,000 + |
| सांई मंदिर | 50,000 + |
| खंधो माता मंदिर | 20,000 – 25,000 |
| रानी तालाब / कोठी कम्पाउंड | 15,000 – 20,000 |
इसके अलावा खेम सागर और राम सागर मंदिरों में भी 10 से 20 हजार श्रद्धालुओं ने मत्था टेका।
पुलिस और प्रशासन रहा मुस्तैद
अपेक्षा से कहीं अधिक भीड़ होने के कारण चिरहुला और किला क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा। बैरिकेडिंग के जरिए भीड़ को नियंत्रित किया गया ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। शहर के अन्य मंदिरों जैसे रानी तालाब और भैरवनाथ में भी देर शाम तक भक्तों का आना-जाना लगा रहा।











