Wednesday, August 26, 2026
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M.P Crime : रीवा में बिना OTP और मालिक को बिना सूचना, वाहन ट्रांसफर का आरोप, परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

रीवा : मध्य प्रदेश के रीवा जिले में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक वाहन मालिक ने दावा किया है कि उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आए बिना ही उनकी कार का ट्रांसफर कर दिया गया। इस मामले के सामने आने के बाद विभाग पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

सांठगांठ का आरोप

पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरटीओ कार्यालय में कार्यरत एक एजेंट ने कथित रूप से जिला परिवहन अधिकारी मनीष त्रिपाठी और कर्मचारी दर्शना बागडे के साथ मिलीभगत कर वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कराई। आरोप यह भी है कि ट्रांसफर के दौरान न तो वाहन की भौतिक जांच हुई और न ही क्रेता-विक्रेता की फोटो ली गई।

RTI में भी नहीं मिली जानकारी

वाहन क्रमांक MP17 ZP 4772 की मालिक सुनीता सिंह, निवासी माड़ौ, ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री ऑनलाइन पोर्टल और जिला परिवहन कार्यालय में की। साथ ही, उन्होंने RTI के माध्यम से यह जानकारी मांगी कि उनके मोबाइल नंबर पर OTP भेजा गया था या नहीं। विभाग ने जवाब में कहा कि ऐसी जानकारी उनके कार्यालय में संधारित नहीं है।

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पार्किंग में खड़ी थी गाड़ी

परिवार का कहना है कि जिस दिन वाहन ट्रांसफर हुआ, उस दिन कार इंजीनियरिंग कॉलेज की पार्किंग में खड़ी थी। इस संबंध में कॉलेज से भी RTI के माध्यम से जानकारी मांगी गई, लेकिन 15 दिनों से अधिक की रिकॉर्डिंग उपलब्ध न होने का हवाला देते हुए आवेदन वापस कर दिया गया।

हाईकोर्ट में याचिका की तैयारी

गाड़ी मालिक के बेटे अंकुश सिंह ने कहा है कि वे इस मामले में जिला परिवहन अधिकारी मनीष त्रिपाठी और कर्मचारी दर्शना बागडे के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।फिलहाल, यह मामला रीवा में चर्चा का विषय बना हुआ है और परिवहन विभाग की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है।

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