Rewa News: रीवा : रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में आकाशीय बिजली से झुलसे 13 वर्षीय किशोर मनीष साहू की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि अस्पताल में विभागों के बीच समन्वय (इंटर-डिपार्टमेंट कोऑर्डिनेशन) की गंभीर कमी के कारण घायल किशोर का समय पर उपचार शुरू नहीं हो सका।
Rewa News: दरअसल, महोबा में आकाशीय बिजली गिरने के बाद किशोर को पन्ना के शासकीय अस्पताल से रेफर किया गया था। परिजन उसे लेकर गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचे, लेकिन समन्वय की कमी के चलते 40 से 50 मिनट तक वह स्ट्रेचर पर ही पड़ा रहा। इस दौरान परिजन हाथ में ड्रिप की बोतल पकड़े इलाज शुरू होने का इंतजार करते रहे, पर किसी विभाग ने तत्काल जिम्मेदारी नहीं ली।
Rewa News: घटना मीडिया में आने के बाद अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। टीम की रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि विभागों के बीच तालमेल की कमी के कारण उपचार में देरी हुई और यही देरी किशोर की मौत का कारण बनी।
Rewa News: दोषियों पर कार्रवाई के सवाल पर अस्पताल अधीक्षक ने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि अब विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर काम किया जाएगा। हालांकि परिजन और स्थानीय लोगों ने लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।









