Rewa Municipal Corporation Dispute : रीवा (विकास बघेल)। रीवा नगर निगम परिषद का बजट सत्र आज विकास की चर्चा के बजाय आपसी विवाद और अभद्र भाषा की भेंट चढ़ गया। सदन की गरिमा उस समय तार-तार हो गई जब महापौर और एक निर्दलीय महिला पार्षद के बीच तीखी तकरार हुई, जिसमें दोनों ओर से अमर्यादित शब्दों का खुलकर प्रयोग किया गया। हंगामे के बाद परिषद अध्यक्ष ने निर्दलीय पार्षद को सदन की कार्यवाही से बर्खास्त कर दिया है।
शायरी से शुरू हुआ सत्र, गाली-गलौज पर हुआ खत्म
बैठक की शुरुआत सौहार्दपूर्ण माहौल में शेरो-शायरी के साथ हुई थी, लेकिन जैसे ही वार्ड क्रमांक 13 की निर्दलीय पार्षद नम्रता संजय सिंह बघेल ने अपने क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए, माहौल गरमा गया। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि पार्षद ने महापौर को थप्पड़ मारने की बात कह दी, जिसके जवाब में महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ ने भरी सभा में महिला पार्षद को ‘फाड़ कर चार कर देने’ की धमकी दे डाली। इस पर पलटवार करते हुए पार्षद ने भी तीखे शब्दों का प्रयोग किया।
पार्षद बर्खास्त, विपक्ष में भारी आक्रोश
हंगामे को बढ़ता देख नगर निगम अध्यक्ष वेंकटेश पांडे ने कड़ा रुख अपनाया और निर्दलीय पार्षद नम्रता सिंह को सदन से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।
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पार्षद का पक्ष: नम्रता सिंह का कहना है कि सदन में पहले भी मारपीट जैसी गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन तब किसी को बर्खास्त नहीं किया गया। उनके साथ पक्षपात किया जा रहा है।
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महापौर की सफाई: महापौर अजय मिश्रा ने अपनी सफाई में कहा कि पार्षद को मीडिया में सुर्खियां बटोरने की ललक है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर वे बीच-बचाव नहीं करते, तो कांग्रेस की महिला पार्षद उत्तेजित होकर निर्दलीय पार्षद पर हमला कर सकती थीं।
निगम की साख पर सवाल
बजट सत्र, जिसमें शहर के विकास और आगामी योजनाओं पर चर्चा होनी थी, वह व्यक्तिगत आक्षेपों और धमकियों का अखाड़ा बन गया। इस घटना से न केवल नगर निगम की साख गिरी है, बल्कि जनता के बीच भी जनप्रतिनिधियों की छवि धूमिल हुई है।











