नई दिल्ली : दिल्ली के लाल किले के पास हुए भयंकर कार ब्लास्ट मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है, और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक इस केस में तीन डॉक्टरों को हिरासत में लिया जा चुका है। इसके साथ ही जांच एजेंसियों को शक है कि इस आतंकी साजिश के पीछे एक बेहद संगठित, तकनीकी रूप से प्रशिक्षित और हाई-प्रोफाइल मॉड्यूल सक्रिय था।
फरीदाबाद से पकड़े गए दो डॉक्टर: साजिश का पहला सुराग
ब्लास्ट से पहले हरियाणा के फरीदाबाद में पुलिस ने दो डॉक्टर—डॉ. फैजान और डॉ. नसीरको गिरफ्तार किया था। इनके पास से 300 किलो से अधिक अमोनियम नाइट्रेट, कई डेटोनेटर, टाइमर और हथियार बरामद हुए थे।वहीं अधिकारियों के अनुसार यह विस्फोटक एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा था और डॉक्टर वैज्ञानिक तरीके से इसका प्रयोग करने की योजना बना रहे थे।डेटोनेटर और रिमोट कंट्रोल से जुड़े उपकरण यह संकेत देते हैं कि साजिश काफी लंबे समय से चल रही थी।
इस गिरफ्तारी के बाद ही पहली बार सामने आया कि यह सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि मल्टी-स्टेट टेरर मॉड्यूल है, जिसमें तकनीकी दक्षता वाले लोग शामिल हैं।
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तीसरा डॉक्टर गिरफ्तार: पुलवामा का MBBS-MD सज्जाद अहमद मल्ला
वहीं लाल किला ब्लास्ट के बाद दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और एनआईए की संयुक्त टीम ने डॉ. सज्जाद अहमद मल्ला को हिरासत में लिया। यह बंदज़ू, पुलवामा का निवासी है और MBBS और MD किया हुआ है।सज्जाद के मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल्स से यह सामने आया कि वह फरीदाबाद में पकड़े गए डॉक्टरों से लगातार संपर्क में था। ऐसे में एजेंसियों को शक है कि सज्जाद ही उन लोगों में शामिल था जो विस्फोटक दिल्ली तक पहुंचाने और नेटवर्क को एक्टिव रखने में मदद कर रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि डॉक्टर सज्जाद ब्लास्ट से कुछ दिन पहले दिल्ली आया था और लोकेशन ट्रेसिंग से कई महत्वपूर्ण लिंक मिले हैं।
क्यों डॉक्टर बने आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा?
जांच एजेंसियों के अनुसार, मॉड्यूल ने डॉक्टरों को शामिल करने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं,जैसे-
- डॉक्टर केमिकल्स और रसायनों की अच्छी समझ रखते हैं।
- इन्हें अस्पतालों और राज्यों के बीच आने-जाने में आसानी रहती है।
- इन पर शुरुआती शक कम होता है, जिससे वे लो-प्रोफाइल ऑपरेटिव बन जाते हैं।
- यह पहली बार है जब किसी आतंकी ऑपरेशन में मेडिकल बैकग्राउंड वाले इतने लोग शामिल मिले हैं।
जांच का दायरा बढ़ा, कई राज्यों में छापेमारी
एनआईए, दिल्ली पुलिस और आईबी इस मॉड्यूल के अंतरराज्यीय कनेक्शन को खंगाल रहे हैं। जांच अब इन बिंदुओं पर केंद्रित है—
- विस्फोटक सप्लाई करने वाली चेन
- ब्लास्ट में शामिल तकनीकी टीम
- डॉक्टरों को जोड़ने वाला मास्टरमाइंड
- कार दस्तावेजों और पुलवामा कनेक्शन की भूमिका
आगे और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना
जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि यह मॉड्यूल अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल ट्रेल में कई और संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। इसलिए अगले कुछ दिनों में और भी बड़े खुलासे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। लाल किला ब्लास्ट में सामने आया यह “डॉक्टर टेरर मॉड्यूल” अब पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है।











