Rajnandgaon Zila Panchayat CEO Meeting : हेमंत वर्मा/राजनांदगांव: जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सुरूचि सिंह ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद स्तर के अधिकारियों की क्लास ली। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति का बारीकी से आकलन किया। CEO ने स्पष्ट किया कि पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत जितने भी कार्य लंबित हैं, उन्हें हर हाल में मार्च 2026 तक पूर्ण कर लिया जाए।
मुक्तिधामों का होगा कायाकल्प: बैठक में सुश्री सिंह ने ग्रामीण संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए कि गांवों के मुक्तिधामों में पेयजल, पर्याप्त छाया, साफ-सफाई और रंग-रोगन की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मुक्तिधामों का रखरखाव इस तरह हो कि वहां आने वाले ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए CEO ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने क्यूआर कोड (QR Code) के माध्यम से करों (Taxes) की वसूली की जानकारी ली और पंचायतों को अपने आय के स्रोत बढ़ाने के लिए व्यावसायिक परिसरों का आवंटन करने का सुझाव दिया। अब हर ग्राम पंचायत को अपने मासिक आय और व्यय का विवरण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा।
योजनाओं की समयबद्धता: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) की समीक्षा करते हुए उन्होंने इसे अभियान के तौर पर चलाकर पात्र हितग्राहियों के मकान समय पर पूर्ण करने को कहा। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन (SBM), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और युक्तधारा योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के वरिष्ठ अधिकारियों सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद पंचायतों के CEO भी जुड़े रहे।











