Tuesday, September 22, 2026
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Chhattisgarh Crime: कोतरारोड़ पुलिस ने पकड़ा शातिर ठग, फर्जी नाम से ट्रेलर किराये पर लेकर बेचा

Chhattisgarh Crime: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। जिला पुलिस प्रशासन द्वारा अपराधियों और जालसाजों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोतरारोड़ थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने फर्जी दस्तावेज, नकली नाम और पहचान का सहारा लेकर ट्रेलर वाहन को किराये पर लेने और बाद में उसे रायपुर ले जाकर अवैध रूप से बेच देने वाले एक बेहद शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए मुख्य आरोपी का वास्तविक नाम सुदामा प्रधान उर्फ छोटू है, जो रायगढ़ जिले के ही पुसौर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। आरोपी ने वाहन स्वामी को पूरी तरह से धोखे में रखकर वाहन हासिल किया था और बाद में बड़ी रकम का गबन कर लिया था। इस गंभीर संगठित धोखाधड़ी के मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित वाहन मालिक ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के कड़े निर्देश दिए थे।

दो वर्ष पूर्व फर्जी नाम से की थी लाखों की ठगी

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी हरदीप सिंह निवासी गोरखा, थाना कोतरारोड़ ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि लगभग दो वर्ष पूर्व उसके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। उस व्यक्ति ने स्वयं का नाम राकेश डनसेना बताते हुए एनटीपीसी लारा में चलाने के लिए एक ट्रेलर वाहन किराये पर लेने की इच्छा प्रकट की थी। दोनों पक्षों के बीच हुई मुलाकात और आपसी बातचीत के बाद वाहन का मासिक किराया अस्सी हजार रुपये तय किया गया था। इसके बाद सात नवंबर दो हजार चौबीस को दोनों के बीच एक बकायदा किरायानामा भी निष्पादित किया गया था। विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने पीड़ित को एचडीएफसी बैंक का एक ब्लैंक चेक भी अमानत के तौर पर दिया था, जिस पर हस्ताक्षर के स्थान पर चालाकी से राकेश लिखा हुआ था।

वाहन प्राप्त करने के कुछ ही दिनों बाद आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर पूरी तरह से बंद कर दिया और वह फरार हो गया।

पीड़ित की जांच में खुला असली नाम का राज

जब पीड़ित को न तो वाहन का किराया मिला और न ही उसका ट्रेलर वापस आया, तो उसने अपने स्तर पर खोजबीन शुरू की। पड़ताल के दौरान पीड़ित को यह चौंकाने वाली जानकारी मिली कि जिस व्यक्ति ने खुद को राकेश डनसेना बताया था, उसका असली नाम सुदामा प्रधान उर्फ छोटू निवासी ग्राम गहलोई है। आरोपी द्वारा दिए गए बैंक खाते की जांच करने पर भी वह सुदामा प्रधान के नाम पर ही पंजीकृत पाया गया। इस प्रकार फर्जी नाम और पते का उपयोग कर लाखों रुपये के वाहन की ठगी किए जाने पर कोतरारोड़ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया था।

एसएसपी के निर्देश पर कोतरारोड़ थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह ने अपनी टीम और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर आरोपी की लगातार पतासाजी शुरू कर दी थी।

रायपुर के कबाड़ गोदाम में काट दिया गया ट्रेलर

बीते दिन कोतरारोड़ और कोतवाली पुलिस की एक संयुक्त विशेष टीम ने घेराबंदी कर आरोपी सुदामा प्रधान को हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म पूरी तरह से कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथी गुरप्रीत सिंह के साथ मिलकर इस पूरी ठगी की साजिश रची थी। योजना के मुताबिक उन्होंने पचास रुपये के स्टांप पेपर पर फर्जी किरायानामा तैयार किया और गोरखा स्थित पार्किंग से ट्रेलर वाहन क्रमांक सीजी पंद्रह एसी चौवालीस सो छिहत्तर को लेकर सीधे रायपुर चले गए थे। रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र स्थित मेंटल पार्क के पास दोनों ने इस पूरे ट्रेलर को एक कबाड़ व्यवसायी को पांच लाख बीस हजार रुपये की नकद राशि में बेच दिया और आपस में पैसे बराबर बांट लिए।

कोतरारोड़ पुलिस जब वाहन की बरामदगी के लिए रायपुर पहुंची, तो पता चला कि उक्त ट्रेलर को वहां के एक डिस्पोजल गोदाम में पूरी तरह काटकर कबाड़ बना दिया गया है।

सह आरोपी फरार और एसएसपी की सख्त चेतावनी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जिस गोदाम में गाड़ी काटी गई थी, उसके संचालक बिलाल खां की मौत हो चुकी है। इस पूरे गिरोह का सह आरोपी गुरप्रीत सिंह अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और फरार चल रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। मुख्य आरोपी सुदामा प्रधान को पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई के बाद कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने जनता और अपराधियों को एक बेहद सख्त संदेश जारी किया है।

एसएसपी ने कहा है कि फर्जी पहचान और जालसाजी के माध्यम से लोगों की मेहनत की कमाई हड़पने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपनी कोई भी संपत्ति किराये पर देने से पहले संबंधित व्यक्ति का पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं।

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