Raigarh District Festival : गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा। पवित्र रमजान माह के मुकम्मल होने पर शनिवार को घरघोड़ा क्षेत्र में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे धार्मिक उत्साह और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया। बस स्टैंड स्थित कारगिल चौक के समीप भव्य ईदगाह में सुबह ठीक 9 बजे मुख्य नमाज अदा की गई, जिसमें घरघोड़ा, तमनार और आसपास के अंचलों से आए 3000 से अधिक मुस्लिम धर्मावलंबियों ने शिरकत की।
इबादत, दुआ और भाईचारे का संगम
सुबह से ही नए परिधानों में सजे बच्चे, युवा और बुजुर्ग ईदगाह की ओर बढ़ने लगे थे, जिससे पूरा परिसर सफेद कुर्ते-पाजामे और रंग-बिरंगी टोपियों से गुलजार हो गया। नमाज के बाद इमाम साहब ने खुतबा पढ़ा और देश में अमन-चैन, खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ मांगी। हजारों हाथ एक साथ अल्लाह की बारगाह में बुलंद हुए, जो एकता और अटूट विश्वास का अनूठा दृश्य था।
गले लगकर दी मुबारकबाद, मिट गई दूरियां
नमाज संपन्न होते ही “ईद मुबारक” के नारों से फिजा महक उठी। अमीर-गरीब और छोटे-बड़े का भेदभाव भूलकर लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाया। यह दृश्य सामाजिक समरसता और समानता का जीवंत उदाहरण पेश कर रहा था। नमाज के पश्चात अकीदतमंद कब्रिस्तान पहुँचे, जहाँ अपने पूर्वजों की कब्रों पर फातिहा पढ़कर अगरबत्ती जलाई और उनकी मगफिरत (मोक्ष) के लिए दुआएं कीं।
घरों में सेवइयों की मिठास और ‘ईदी’ का उत्साह
दोपहर होते ही त्योहार की रौनक घरों में शिफ्ट हो गई। मेहमानों के स्वागत के लिए घरों में लजीज पकवान और विशेष तौर पर किमामी व दूध वाली सेवइयां तैयार की गई थीं। बच्चों में ‘ईदी’ (बुजुर्गों द्वारा दिया जाने वाला उपहार या नकद) को लेकर खासा उत्साह देखा गया। गैर-मुस्लिम भाइयों ने भी अपने मित्रों के घर पहुँचकर ईद की बधाई दी, जो घरघोड़ा की गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है।
प्रशासन की मुस्तैदी और शांतिपूर्ण आयोजन
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा कारगिल चौक और ईदगाह के आसपास कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा, जिससे नमाजियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए मुस्लिम समाज ने प्रशासन का आभार व्यक्त किया।











