HomeChhattisgarhRaigarhGharghoda Junction: स्टेशन और स्काई ओवर ब्रिज तैयार: घरघोड़ा जंक्शन से पैसेंजर...

Gharghoda Junction: स्टेशन और स्काई ओवर ब्रिज तैयार: घरघोड़ा जंक्शन से पैसेंजर ट्रेन अब भी है पूरी तरह गायब

Date:

Related stories

Raipur News:देशभर के 65 डिजाइनर पहुंचे राजधानी, “रिवाज़” प्रदर्शनी का उदघाटन

Raipur News:रायपुर। राजधानी रायपुर के सायाजी होटल में तीन...

Gharghoda Junction: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़/घरघोड़ा। विकास के बड़े-बड़े दावे और डबल इंजन सरकार की तेज रफ्तार वाली घोषणाओं के बीच घरघोड़ा जंक्शन आज एक अनोखी तस्वीर पेश कर रहा है। यहां करोड़ों रुपये खर्च करके आधुनिक स्टेशन भवन, चमचमाते रेलवे प्लेटफॉर्म और भव्य स्काई ओवर ब्रिज तो बना दिए गए हैं। हालांकि, आम जनता के सफर के लिए आज तक एक भी नियमित पैसेंजर ट्रेन की शुरुआत नहीं हो सकी है।

यही कारण है कि स्थानीय लोग अब प्रशासन और रेलवे प्रबंधन पर तीखे सवाल उठा रहे हैं। नागरिक पूछ रहे हैं कि आखिर यह स्टेशन यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया है या सिर्फ सरकारी उपलब्धियों की सूची में एक नया नाम जोड़ने के लिए खड़ा किया गया है।

औद्योगिक हब होने के बाद भी बुनियादी रेल सुविधा से वंचित है क्षेत्र

भौगोलिक और आर्थिक दृष्टि से घरघोड़ा और इसका आसपास का पूरा क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस इलाके में एनटीपीसी (NTPC), एसईसीएल (SECL), टीआरएन (TRN), जिंदल और अदाणी जैसी देश की दिग्गज और बड़ी औद्योगिक कंपनियां रात-दिन संचालित हो रही हैं। इसके परिणामस्वरूप, हजारों की संख्या में कर्मचारी, व्यापारी, विद्यार्थी और आम नागरिक प्रतिदिन रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर जैसे बड़े शहरों की यात्रा करते हैं।

इसके बावजूद, यात्री ट्रेन सेवा का अभाव इस पूरे क्षेत्र के विकास की गति को रोक रहा है। लोगों को आवागमन के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बसों के महंगे सफर पर निर्भर हैं छात्र और व्यापारी, समय और पैसे की हो रही बर्बादी

रेलवे की इस उदासीनता का सबसे बुरा असर युवा पीढ़ी और स्थानीय कारोबार पर पड़ रहा है। वर्तमान में रायपुर और बिलासपुर के बड़े संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को हर हफ्ते बसों और निजी वाहनों के महंगे सफर पर निर्भर रहना पड़ता है। इसके साथ ही, स्थानीय छोटे-बड़े व्यापारियों का समय और पैसा दोनों ही सड़क मार्ग की यात्रा में बेवजह बर्बाद हो रहा है।

आम यात्रियों को भी रेल जैसी सस्ती, सुलभ और सुरक्षित यात्रा की सुविधा नहीं मिल पा रही है। क्षेत्र के लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि यहां यात्री ट्रेनों का परिचालन तुरंत शुरू किया जाए।

करोड़ों का आधुनिक ढांचा तैयार, पर जनता पूछ रही— कब मिलेगी पहली पैसेंजर ट्रेन?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा व्यंग्य यही है कि स्टेशन का पूरा बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार खड़ा है। प्लेटफॉर्म बनकर तैयार हैं और यात्रियों के लिए बना स्काई ओवर ब्रिज भी चालू स्थिति में है। इसके विपरीत, इंतजार सिर्फ उस पैसेंजर ट्रेन का है, जिसे शायद रेलवे के टाइम-टेबल में अभी तक घरघोड़ा का रास्ता ही नहीं मिल पाया है।

अंततः, क्षेत्र की जनता अब सीधे सरकार से पूछ रही है कि जब यह इलाका देश की ऊर्जा और उद्योगों का इतना बड़ा केंद्र है, तो फिर यहां के लाखों लोगों को उनके बुनियादी हक से कब तक दूर रखा जाएगा? क्या यह जंक्शन केवल तस्वीरों और सरकारी कागजों की शोभा बढ़ाता रहेगा या जल्द ही यहां पैसेंजर ट्रेन की सीटी गूंजेगी?

Share The News
VIKASH KHALKHO
VIKASH KHALKHO
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

Subscribe

- Never miss a story with notifications

- Gain full access to our premium content

- Browse free from up to 5 devices at once

Latest stories

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here