Rahul Agarwal dismissed : रायपुर। राजधानी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पिछले सात साल से एक व्यक्ति बिना MBBS डिग्री और मेडिकल काउंसिल पंजीकरण के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज करता रहा। आरटीआई के जरिए हुए इस खुलासे के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने फर्जी डॉक्टर राहुल अग्रवाल को बर्खास्त कर दिया है।
Rahul Agarwal dismissed : फर्जी डॉक्टर की पहचान राहुल अग्रवाल के रूप में हुई। आरटीआई कार्यकर्ता ने डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल के सीएमएचओ और NHM छत्तीसगढ़ से उसकी डिग्री और रजिस्ट्रेशन की जानकारी मांगी। नोटिस पर भी कई मौकों के बावजूद वह कोई प्रमाण पेश नहीं कर सका।

Rahul Agarwal dismissed : राहुल अग्रवाल की नियुक्ति 2018 में NHM छत्तीसगढ़ के जरिए हुई थी
Rahul Agarwal dismissed : राहुल अग्रवाल की नियुक्ति 2018 में NHM छत्तीसगढ़ के जरिए हुई थी। पहले वह रायपुर के खोखोपारा पीएचसी में पदस्थ रहा, फिर मठपुरैना पीएचसी में काम किया। करीब एक साल तक जिला अस्पताल में भी मरीजों का इलाज किया। हैरानी की बात है कि वह कायाकल्प टीम और PCPNDT टीम (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act, 1994) का भी हिस्सा रहा।
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Rahul Agarwal dismissed : दस्तावेज न देने पर उसने हाईकोर्ट से अतिरिक्त समय मांगा। कोर्ट ने 90 दिन का समय दिया, फिर भी कोई डिग्री या रजिस्ट्रेशन पेश नहीं हुआ। एक माह का और समय मिलने के बाद भी नतीजा वही रहा। अंततः NHM ने उसकी सेवाएं समाप्त कर दीं।
Rahul Agarwal dismissed : NHM की भर्ती प्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल
Rahul Agarwal dismissed : यह मामला NHM की भर्ती प्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। शक गहरा गया है कि प्रदेश में ऐसे और भी फर्जी डॉक्टर सरकारी सिस्टम में सक्रिय हो सकते हैं। इस खुलासे के बाद जनता में गुस्सा है। लोग मांग कर रहे हैं किप्रदेश के सभी सरकारी डॉक्टरों के प्रमाणपत्र और पंजीकरण की कड़ी व पारदर्शी जांच की जाए, ताकि कोई भी मरीज दोबारा ऐसे ‘नकली डॉक्टर’ के भरोसे न रहे।

Rahul Agarwal dismissed : …पढ़िए क्या था पूरा मामला
Rahul Agarwal dismissed : छत्तीसगढ़ में राज्य निर्माण के बाद पहली बार किसी तथाकथित चिकित्सा अधिकारी को बर्खास्त किया गया है, कारण यह कि उसके पास न तो चिकित्सा डिग्री थी और न ही रजिस्ट्रेशन। यह मामला राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से जुड़ा है, जिसे केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में कैबिनेट बैठक में 2025 से बढ़ाकर 2030 तक के लिए एक्सटेंड किया था। एनएचएम की उपलब्धियों में मातृ, शिशु और शिशु मृत्यु दर में कमी, स्वास्थ्यकर्मी बढ़ोतरी और रोग नियंत्रण में सुधार शामिल हैं। छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद पहली बार किसी तथाकथित चिकित्सा अधिकारी की बर्खास्तगी, इसलिए क्योंकि डिग्री रजिस्ट्रेशन ही नहीं था।

Rahul Agarwal dismissed : सुलगते सवाल
1 – NHM का फ्रेमवर्क 2025 तक के लिए बनाया गया था। जिसे केंद्र की नरेंद्र मोदी कैकेबिनेट ने NHM की उपलब्धियों को देखकर और निकट भविष्य में टारगेट को पूरा करने के इरादे से 2030 तक के लिए एक्सटेंड किया है। यह निर्णय 2025 जनवरी कैबिनेट बैठक में लिया गया।
the key achievements of the National Health Mission during its previous tenure?
1 – Reduction in Maternal and Child Mortality: Maternal Mortality Ratio (MMR): Declined from 130 per lakh live births in 2014-16 to 97 per lakh in 2018-20 (25% reduction).
2–Under-5 Mortality Rate: Decreased from 45 per 1,000 live births in 2014 to 32 in 2020 (75% decline).
3– Infant Mortality Rate (IMR): Reduced from 39 per 1,000 live births in 2014 to 28 in 2020.
India is on track to achieve the SDG targets for maternal, child, and infant mortality before 2030.
Healthcare Workforce Expansion: The NHM facilitated the engagement of approximately 2.69 lakh additional healthcare workers in 2021-22 alone, contributing to improved healthcare delivery.
–Disease Control Improvements: Enhanced surveillance and control measures for diseases like tuberculosis have led to a decrease in incidence rates, contributing to overall public health improvements
मीडिया का रोल महत्वपूर्ण – गौरतलब है कि मीडिया द्वारा ही बिना किसी रजिस्ट्रेशन के सरकारी नौकरी में आए झोलाछापों संबंधी न्यूज़ बनाई गई। जिसके बाद ही NHM कार्यालय के कान खड़े हुए अन्यथा तथाकथित राहुल अग्रवाल द्वारा बदस्तूर छत्तीसगढ़ की भोलीभाली जनता पर प्रयोग किया जाता।
Rahul Agarwal dismissed : सुलगते सवाल 2-
जिन 2 ANM जितेंद्री और हेमिन साहू जिनका तनख्वाह वृद्धि कार्य मूल्यांकन के नाम पर संबंधित तथाकथित चिकित्सा अधिकारी ने रोका और दोनों ने ही 2 बार cmho कार्यालय में पत्र दिया क्या उनको उनका हक मिलेगा,क्योंकि पिछले 3 वर्षों से उन्हें भयंकर आर्थिक क्षति हो रही।
Rahul Agarwal dismissed : सुलगते सवाल 3 –
क्या नियुक्ति कर्ता की न्यायिक जांच होगी। क्योंकि NHM ने अपने बर्खास्तगी आदेश में लिखा है कि डिग्री, रजिस्ट्रेशन दोनों ही कही नहीं मिला, न ही संबंधित ने जमा किया।
Rahul Agarwal dismissed : सुलगते सवाल 4 –
Rahul Agarwal dismissed : क्या हाइकोर्ट स्वतः संज्ञान लेगा, क्योंकि फरवरी में हाइकोर्ट को जानकारी छुपाते और गलत जानकारी देकर राहुल अग्रवाल ने 3 महीने का समय मांग लिया, जबकि उनके पास रजिस्ट्रेशन था ही नहीं। छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल की आधिकारिक वेबसाइट और इंडियन मेडिकल रजिस्टर, जिसमें पूरे भारत के चिकित्सकों की संपूर्ण जानकारी है, लेकिन राहुल अग्रवाल का नाम ही नहीं था।
Rahul Agarwal dismissed : सुलगते सवाल 5–
कबतक छत्तीसगढ़ की जनता पर गिनी पिग की भांति प्रयोग?
Rahul Agarwal dismissed : सुलगते सवाल 6 –
जब सम्बंधित व्यक्ति के पास डिग्री, रजिस्ट्रेशन ही नहीं है तो फिर NHM ने कैसे उसे बर्खास्तगी आदेश में डॉक्टर लिखकर संबोधित किया? इतनी इज्जत अफजाई क्यों?
Rahul Agarwal dismissed : सुलगते सवाल 7 –
1 माह की एडवांस सैलरी क्यों? जब सम्बंधित के पास कोई डिग्री, रजिस्ट्रेशन ही नहीं था तो फिर उसे NHM के बर्खास्तगी आदेश में एडवांस सैलरी देकर क्यों निकाला जा रहा है।
Rahul Agarwal dismissed : सुलगते सवाल 8 –
मार्च 2023 में खोखोपारा में घटित आयुष्मान योजना घोटाला में सम्बंधित का स्पष्ट दोष जांच कमेटी ने दिया था तो क्या अब जायज डॉक्टर का हक मारने पर वसूली होगी?
Rahul Agarwal dismissed : सुलगते सवाल 9–
पिछले साढ़े 7 सालों में 1 करोड़ से अधिक की तनख्वाह और भत्ते प्राप्त करने का हिसाब कौन देगा? क्षेत्र की लाखों भोलीभाली जनता पर गिनी पिग की भांति प्रयोग करने का हिसाब कौन देगा? कोरोना जैसे संवेदनशील समय पर कितने ही क्रिटिकल मरीजों पर प्रयोग का हिसाब कौन देगा ? पिछले साढ़े सात साल में सैकड़ों मृत्यु का हिसाब कौन देगा ?
Rahul Agarwal dismissed : सुलगते सवाल 10 –
बच गए VVIP ?
संबंधित तथाकथित व्यक्ति की ड्यूटी कई बार VVIP प्रोटोकॉल में लगाई गई थी तो न सिर्फ छत्तीसगढ़ की ट्राइबल जनता बल्कि VVIPs के साथ भी समझौता हुआ।
सुलगते सवाल 11 –
Rahul Agarwal dismissed : मेडिकोलीगल cases का निपटारा अब कैसे होगा?
चूंकि पुलिस की सूचना पर मेडिकोलीगल cases और पोस्टमार्टम का निपटारा चिकित्सा अधिकारी द्वारा किया जाता है। पिछले साढ़े सात साल में कई मेडिकोलीगल cases संबंधित द्वारा किए गए होंगे।जिनके केसेज और कोर्ट में उपस्थिति में चिकित्सकों के बयान भी लिए जाते हैं तो अब उनका निदान कैसे होगा?
Rahul Agarwal dismissed : सुलगते सवाल 12 –
नियुक्ति आदेश में स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि नियुक्ति के 15 दिन में समस्त दस्तावेज जमा करने होंगे, लेकिन 2018 में तत्कालीन रायपुर cmho डॉ सोनवानी ने क्यों दस्तावेज जमा नहीं करवाए ? यदि उसी समय यह मामला उजागर हो जाता तो लाखों जनता बेवकूफ न बनती?
Rahul Agarwal dismissed : सुलगते सवाल 13 –
इतने बड़े सिस्टम NHM का online सिस्टम करोड़ो की फंडिंग का क्या उपयोग ? जब इलाज ही बिना डिग्री , रजिस्ट्रेशन के झोलाछाप से करवाना है तो?









