PSL 2026 : नई दिल्ली। पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के 11वें सीजन की शुरुआत 26 मार्च से होने जा रही है, लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही सुरक्षा और अन्य चिंताओं ने लीग को गंभीर संकट में डाल दिया है। तेल संकट और विदेशी खिलाड़ियों के टूर्नामेंट छोड़ने के फैसले से पहले ही लीग की स्थिति कमजोर हुई है, और अब एक नए खतरे ने परिस्थितियों को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
PSL 2026 : तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े गुट जमात-उल-अहरार (JuA) ने लाहौर और कराची में होने वाले मैचों को लेकर धमकी दी है। बयान में खासकर विदेशी खिलाड़ियों को चेतावनी दी गई कि वे अपनी सुरक्षा के लिए टूर्नामेंट से दूरी बनाए रखें। संगठन ने कहा कि पाकिस्तान के मौजूदा हालात अत्यंत खतरनाक हैं और खिलाड़ियों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती।
PSL 2026 : जमात-उल-अहरार ने पहले भी कई बड़े आतंकी हमलों में भूमिका निभाई है, इसलिए इस धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है। पहले ही तेल-गैस संकट के कारण पीसीबी ने टूर्नामेंट को छह की बजाय दो स्थानों तक सीमित किया, ओपनिंग सेरेमनी रद्द की और मुकाबले बिना दर्शकों के कराने का निर्णय लिया।
PSL 2026 : अब विदेशी खिलाड़ियों की कमी, आईपीएल से टकराव और आर्थिक दबाव ने PSL 2026 की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। टूर्नामेंट सिर्फ क्रिकेट का आयोजन नहीं, बल्कि सुरक्षा और वैश्विक दबाव के बीच एक बड़ा इवेंट बन गया है। अब सवाल यह है कि पीसीबी इसे सुरक्षित और सफल तरीके से आयोजित कर पाएगा या नहीं।











