मुंबई : महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण अपने हालिया बयान को लेकर सियासी विवाद के केंद्र में आ गए हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर की गई टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस बीच चव्हाण ने साफ कहा है कि वे अपने बयान पर कायम हैं और किसी भी कीमत पर माफी नहीं मांगेंगे। उनका तर्क है कि संविधान उन्हें सवाल उठाने का अधिकार देता है।
युद्ध की बदलती प्रकृति पर उठाए सवाल
पृथ्वीराज चव्हाण ने भविष्य के युद्धों की रणनीति का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले समय में जंग जमीन पर नहीं, बल्कि हवा और मिसाइलों के जरिए लड़ी जाएगी। इसी संदर्भ में उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या मौजूदा दौर में 12 लाख सैनिकों वाली परंपरागत सेना की आवश्यकता पहले जैसी ही बनी हुई है, या फिर संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विचार होना चाहिए।
माफी मांगने से साफ इनकार
समाचार एजेंसी से बातचीत में जब उनसे माफी को लेकर सवाल किया गया, तो चव्हाण ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना लोकतंत्र का मूल है और वे अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, इसलिए माफी का सवाल ही नहीं उठता।
#WATCH | Pune | On his statement claiming India was defeated on day one of Operation Sindoor, Congress leader Prithviraj Chavan says, “Why will I apologise? It is out of the question. The Constitution gives me the right to ask questions…” pic.twitter.com/Idnp7nL63M
— ANI (@ANI) December 17, 2025
IAF को लेकर बयान पर बढ़ा विवाद
चव्हाण ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय वायुसेना की भूमिका को लेकर भी बयान दिया, जिसे लेकर विवाद और गहरा गया। उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन के शुरुआती दौर में भारतीय विमान सक्रिय नहीं थे और सीमावर्ती इलाकों से उड़ान भरने पर जोखिम था। पुणे में दिए गए इस बयान के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया।
BJP का तीखा पलटवार
बीजेपी ने चव्हाण के बयानों को सेना का अपमान बताया है। पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर सशस्त्र बलों का मनोबल गिराने का आरोप लगाया और कहा कि इस तरह की बयानबाजी अस्वीकार्य है।
क्या है ‘ऑपरेशन सिंदूर’
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया, जिसमें कई ठिकाने ध्वस्त किए गए।













