PM Modi Foreign Trip : ब्रासीलिया में मोदी का शिव तांडव स्त्रोत से भव्य स्वागत….

Parivesh
PM Modi Foreign Trip

नई दिल्ली। PM Modi Foreign Trip : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों 5 देशों की विदेश यात्रा पर हैं और इस कड़ी में अब वह ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया पहुंच चुके हैं। ब्रासीलिया में उनका स्वागत शिव तांडव स्तोत्र और भारतीय शास्त्रीय नृत्य के साथ पारंपरिक भारतीय अंदाज में किया गया। इससे पहले पीएम मोदी रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे।

PM Modi Foreign Trip : ब्रासीलिया में पीएम मोदी ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। उम्मीद है कि इस बातचीत के दौरान आतंकवाद विरोधी रणनीति, रिन्युएबल एनर्जी, कृषि अनुसंधान और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

भारतीय समुदाय ने भी होटल पहुंचने पर पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने उनसे मुलाकात कर प्रवासी भारतीयों से जुड़ी बातों पर चर्चा की।

ब्रिक्स में भारत की दमदार मौजूदगी

ब्रासीलिया रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने रियो में हुए ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने इस मंच से वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज बुलंद की और ब्राजील को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिक्स को और प्रभावी और समावेशी मंच बनाने में ब्राजील की भूमिका अहम रही।

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अगला पड़ाव: नामीबिया

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा 2 से 10 जुलाई तक चल रही है। अब तक वह घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, अर्जेंटीना और ब्राजील का दौरा कर चुके हैं। ब्राजील के बाद वह अपने अंतिम पड़ाव नामीबिया के लिए रवाना होंगे।

ट्रंप की धमकी से BRICS में हलचल

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने BRICS देशों को धमकी देते हुए कहा है कि जो भी देश BRICS के साथ खड़ा होगा, उन पर 10% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया जाएगा। BRICS की घोषणाओं में अमेरिका का नाम लिए बिना वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) के नियमों के खिलाफ टैरिफ लगाने पर चिंता जताई गई थी।

क्या है BRICS?

BRICS एक प्रमुख वैश्विक संगठन है जिसमें 11 उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं — ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई, सऊदी अरब और इंडोनेशिया। इसका उद्देश्य इन देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करना है। 2001 में इसकी नींव BRIC के रूप में रखी गई थी जिसे बाद में विस्तार देकर BRICS में बदला गया।

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