Phulodevi Netam Rajya Sabha : रामकुमार भारद्वाज-रायपुर/नई दिल्ली (13 फरवरी 2026): राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम ने संसद में विशेष उल्लेख के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानों की दुखद स्थिति को लेकर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं को एक गंभीर राष्ट्रीय विषय बताते हुए कहा कि कृषि प्रधान देश में दाना-दाता का इस प्रकार मौत को गले लगाना चिंताजनक है।
टोकन की अव्यवस्था बनी मौत का कारण
सांसद नेताम ने संसद में कहा कि छत्तीसगढ़ के महासमुंद, कोरबा, मोहला-मानपुर और जांजगीर-चांपा में किसानों ने इसलिए आत्महत्या की क्योंकि उन्हें धान खरीदी केंद्रों पर समय पर टोकन नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार खरीदी बंद कर देती है, तो किसानों को मजबूरन अपनी उपज औने-पौने दामों पर बिचौलियों को बेचनी पड़ती है, जिससे वे भारी कर्ज में डूब जाते हैं।
कर्ज माफी और मुआवजे की मांग
श्रीमती नेताम ने सदन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं:
- कर्ज माफी: जिन किसानों ने खरीदी न होने या टोकन न मिलने के कारण आत्महत्या की है, उनका पूरा कर्ज माफ किया जाए।
- मुआवजा: पीड़ित किसान परिवारों को तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए।
- शत-प्रतिशत खरीदी: देश के अंतिम किसान तक टोकन का वितरण सुनिश्चित हो और उनकी पूरी उपज खरीदी जाए।
साहूकारी कर्ज और फसल बर्बादी पर चिंता
श्रीमती नेताम ने रेखांकित किया कि किसान बैंकों और साहूकारों से कर्ज लेकर खेती करता है। फसल खराब होने या सही दाम न मिलने पर वह आर्थिक दबाव में आ जाता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि धान खरीदी की प्रक्रिया को इतना पारदर्शी और सुगम बनाया जाए कि किसी भी किसान को टोकन के लिए भटकना न पड़े।













