Pathalgaon Land Scam : गौरी शंकर गुप्ता/पत्थलगांव: जशपुर जिले में आदिवासी जमीनों को हड़पने के लिए अपनाए जा रहे ‘फर्जीवाड़े के सिंडिकेट’ का बड़ा खुलासा हुआ है। स्वतंत्र पत्रकार ऋषिकेश मिश्रा की शिकायत और एक वायरल ऑडियो क्लिप ने आयुष अग्रवाल और नरेश कुमार सिदार के बीच के उस ‘सीक्रेट’ कनेक्शन को उजागर किया है, जो राजस्व नियमों की धज्जियां उड़ाकर करोड़ों के वारे-न्यारे कर रहे हैं।
नरेश कुमार सिदार (पत्थलगांव)
1. आयुष अग्रवाल: सिंडिकेट का मास्टरमाइंड?
सामने आए ऑडियो कॉल के अनुसार, आयुष अग्रवाल जमीनों के बड़े सौदों में बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है। ऑडियो में वह लुड़ेग रोड जैसी प्राइम लोकेशन पर 5-10 एकड़ जमीन के लिए रायपुर की बड़ी पार्टियों से डील करने और रेट तय करने की बात कर रहा है। यह कॉल क्षेत्र में सक्रिय उस माफिया की ओर इशारा करती है जो आदिवासियों की जमीन को ‘इन्वेस्टमेंट’ के खेल में झोंक रहा है।
2. नरेश सिदार: एक व्यक्ति, दो जनजातियां (जातीय फर्जीवाड़ा)
इस घोटाले का सबसे विवादित पहलू नरेश कुमार सिदार (पिता अजब सिंह) की दोहरी पहचान है। सरकारी रिकॉर्ड्स में वह किसी ‘गिरगिट’ की तरह अपनी जाति बदलता दिखा:
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पालीडीह रिकॉर्ड: यहाँ उसे ‘गोंड’ जनजाति का दिखाया गया है।
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पत्थलगांव रिकॉर्ड (खसरा 513/85/ख): यहाँ वह रातों-रात ‘उरांव’ जनजाति का बन गया।
आरोप है कि यह फर्जीवाड़ा केवल आदिवासी जमीन हस्तांतरण के कड़े नियमों (धारा 170-ख) को चकमा देने के लिए किया गया है।
3. ‘कमर्शियल डायवर्जन’ और HDFC बैंक का करोड़ों का खेल
दस्तावेजों से पता चला है कि नरेश सिदार ने अपनी कृषि भूमि को रहस्यमयी ढंग से “वाणिज्यिक” (Commercial) घोषित करवाया। इसके तुरंत बाद 28 अगस्त 2025 को एक ही दिन में इन जमीनों को HDFC बैंक, रायगढ़ में बंधक रखकर करोड़ों का लोन/वित्तीय लेनदेन किया गया। जांच की मांग की गई है कि आखिर बैंक ने इन संदिग्ध दस्तावेजों पर इतनी बड़ी राशि कैसे जारी की।
शिकायत और प्रमुख मांगें
पत्रकार ऋषिकेश मिश्रा ने पूरे साक्ष्य PMO, कमिश्नर और IG को भेजकर निम्नलिखित मांगें की हैं:
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आयुष अग्रवाल और ‘रायपुर की पार्टियों’ के बीच के वित्तीय संबंधों की जांच।
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नरेश सिदार द्वारा जाति बदलकर किए गए अवैध डायवर्जन पर FIR।
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HDFC बैंक में एक ही दिन में हुए करोड़ों के मॉर्गेज (Mortgage) की उच्चस्तरीय जांच।











