Pandar Bhatta Mandi Scam : धरसींवा (मोहम्मद याकुब)। राजधानी रायपुर से सटे धरसींवा क्षेत्र के पंडर भट्ठा धान मंडी से अनियमितता का एक गंभीर मामला सामने आया है। जहां एक ओर सरकार धान खरीदी में पारदर्शिता का दावा कर रही है, वहीं इस मंडी में शासन द्वारा निर्धारित तौल के मानकों को ताक पर रखकर प्रति कट्टे में 500 ग्राम से लेकर 1 किलोग्राम तक अतिरिक्त धान तौला जा रहा है।
प्रबंधक का तर्क: ‘किसानों ने खुद दी है लिखित सहमति’ जब इस अधिक तौल को लेकर संवाददाता ने मंडी प्रबंधक गौकरण साहू से सवाल किया, तो उन्होंने पहले टालमटोल की, लेकिन बाद में एक चौंकाने वाला बयान दिया। प्रबंधक का दावा है कि आसपास के 4 गांवों के किसानों ने स्वयं प्रति कट्टे अधिक धान तौलने के लिए लिखित में अपनी सहमति दी है। अब सवाल यह उठता है कि क्या किसी सरकारी नियम को किसानों की ‘तथाकथित सहमति’ से बदला जा सकता है? और आखिर किसानों ने किस दबाव में आकर अपनी मेहनत की कमाई को अतिरिक्त तौल के रूप में देने की बात स्वीकार की?
मिलीभगत और चुप्पी पर सवाल मंडी में हो रहे इस खेल में प्रबंधन और हमालों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। ताज्जुब की बात यह है कि इस गंभीर विषय पर मंडी अध्यक्ष ने पूरी तरह चुप्पी साध ली है। उच्च अधिकारियों को इस ‘लिखित सहमति’ और अतिरिक्त तौल की जानकारी क्यों नहीं दी गई, यह भी जांच का विषय है।
जांच की मांग किसानों की मेहनत के अनाज का इस तरह नियमों के विरुद्ध तौल किया जाना सीधे तौर पर सरकारी निर्देशों का उल्लंघन है। क्षेत्र के किसानों और जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पंडर भट्ठा मंडी के रिकॉर्ड की जांच की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि किसानों का शोषण रुक सके।











