Bardano mein aag : छत्तीसगढ़ चावल केंद्रों में 25 लाख का नुकसान! बड़ादानो में आग, सीएम की तैयारी पर सवाल

VIKASH KHALKHO

Bardano mein aag : रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी (खरीफ विपणन वर्ष 2025-26) शुरू होते ही दो अलग-अलग जिलों के खरीदी केंद्रों पर बारदानों (जूट के बोरे) में आग लगने की संदिग्ध घटनाएं सामने आई हैं। जांजगीर-चांपा और कवर्धा जिलों में हुई इन आगजनी की घटनाओं में लाखों रुपये के बारदाने और धान के बोरे जलकर खाक हो गए हैं, जिससे सरकारी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इन घटनाओं ने पूरी खरीदी व्यवस्था पर हड़कंप मचा दिया है, और इसके पीछे किसी साजिश की आशंका से ‘संदेह की बदबू’ उड़ने लगी है।

जांजगीर-चांपा: पहली घटना पामगढ़ थाना क्षेत्र के लगरा सेवा सहकारी समिति में हुई। यहाँ धान खरीदी केंद्र के सामने चबूतरे पर रखे 40 गठान नए बारदानों में अचानक आग लग गई। आग लगने के कारण बारदाना पूरी तरह जलकर राख हो गया, जिससे लगभग 20 लाख रुपये का बड़ा नुकसान होने का अनुमान है। बताया गया है कि यह बारदाना एक दिन पहले ही प्राधिकृत अधिकारी द्वारा खाली कराया गया था।

कवर्धा: दूसरी घटना पंडरिया क्षेत्र के कुंआमालगी गाँव में हुई। यहाँ बारदाने में रखे लगभग 500 धान के बोरों में आग लग गई। ग्रामीणों ने एकजुट होकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन इस घटना में भी करीब 5 लाख रुपये का बारदाना जलकर नष्ट हो गया।

Bardano mein aag : दोनों ही केंद्रों पर आग लगने का कारण अभी तक अज्ञात है।

आगजनी की इन रहस्यमय घटनाओं पर कांग्रेसी विधायक ब्यास कश्यप ने राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के लिए सरकार की कोई तैयारी नहीं है। विधायक कश्यप ने अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा:

“जब धान खरीदी केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी आंदोलन में हैं, तो खाली केंद्रों पर बारदाना खुले में नहीं छोड़ना चाहिए था। आग लगी है या लगाई गई है, इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। अभी तो बारदाने में आग की घटना शुरू हुई है, आगे और बहुत कुछ होगा।”

Bardano mein aag : छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू हो चुकी है। पहले दिन 195 उपार्जन केंद्रों में किसानों से 19,464 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया था। खरीदी के शुरुआती दौर में ही लाखों रुपये के बारदानों का जल जाना सुरक्षा और भंडारण की कमियों को उजागर करता है। इन घटनाओं ने नई सरकार के लिए पहली ही बड़ी चुनौती पेश कर दी है, जहाँ लाखों रुपये के सरकारी माल की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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