निवाड़ी : मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के ओरछा क्षेत्र में एक गरीब पिकअप ड्राइवर विजय कुशवाहा के साथ कथित पुलिसिया उत्पीड़न की घटना सामने आई है। घटना के मुताबिक, विजय अपनी पिकअप में मूंगफली लेकर झांसी के भोजला मंडी जा रहे थे, तभी ओरछा यातायात थाना पुलिस ने उन्हें एंट्री चेकिंग के दौरान रोका।
मासिक एंट्री जमा, लेकिन रोका क्यों?
ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि उनकी मासिक एंट्री राशि पहले ही जमा है, इसलिए उन्होंने एंट्री पॉइंट पर वाहन नहीं रोका। हालांकि, इस पर ट्रैफिक प्रभारी नीरज शर्मा का गुस्सा सातवें आसमान पर था। उन्होंने सरकारी वाहन से पिकअप का पीछा किया और ड्राइवर सहित वाहन को थाने ले आए।
बेरहमी से मारपीट
थाने में, पुलिस ने विजय कुशवाहा के साथ कड़ी मारपीट की, जिससे उनके शरीर पर चोट के निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। घायल ड्राइवर का इलाज पृथ्वीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। घटना के दौरान एक अन्य ट्रक ड्राइवर को भी थाने में पीटा जा रहा था। विजय ने यह सब मोबाइल पर रिकॉर्ड करना शुरू किया, जिस पर पुलिस का गुस्सा और बढ़ गया और उसे और भी बेरहमी से मारा गया।
Read More : शाजापुर: तिरंगा यात्रा के दौरान बाइक में लगी आग, टला बड़ा हादसा
न्याय की गुहार
घायल ड्राइवर ने कहा कि उनका केवल यह कसूर था कि मासिक एंट्री जमा होने के कारण उन्होंने रोकने से इनकार किया। उन्होंने प्रशासन और पुलिस उच्चाधिकारियों से न्याय की मांग की है।
पुलिस और अधिकारियों की चुप्पी
वहीं ओरछा ट्रैफिक प्रभारी नीरज शर्मा ने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है। पुलिस के आला अफसरों ने भी इस मामले में सामाजिक चुप्पी साधी हुई है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
स्थानीय व्यापारी और ग्रामीण इस घटना से खासे नाराज हैं। उनका कहना है कि गरीब और छोटे वाहन चालकों के साथ इस तरह का व्यवहार समान्य नहीं है और प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।









