GST Registration : नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने छोटे और मध्यम कारोबारियों को राहत देते हुए GST रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को और सरल बना दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब कम जोखिम वाले और ₹2.5 लाख रुपये से कम मासिक टैक्स देने वाले व्यवसायियों को सिर्फ 3 कारोबारी दिन में GST रजिस्ट्रेशन मिल जाएगा। यह सुविधा 1 नवंबर से देशभर में लागू हो गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गाजियाबाद में केंद्रीय जीएसटी भवन के उद्घाटन अवसर पर इस स्कीम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “नई योजना से करीब 96% नए आवेदकों को फायदा होगा। हमारा उद्देश्य है कि पंजीकरण प्रक्रिया में किसी तरह की देरी या अड़चन न आए।” यह कदम छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और स्टार्टअप्स के लिए बड़ा राहत भरा साबित होगा।
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GST Registration :
सितंबर में हुई GST काउंसिल की बैठक में इस Simplified GST Registration Scheme को मंजूरी दी गई थी। इस स्कीम के तहत वे कारोबारी आवेदन कर सकेंगे, जिनकी मासिक आउटपुट टैक्स देनदारी ₹2.5 लाख रुपये से कम है। आवेदक को केवल सेल्फ-डिक्लेरेशन देनी होगी, या GST सिस्टम अपने डेटा एनालिसिस के आधार पर उसे “लो-रिस्क” कैटेगरी में रखेगा। फिलहाल देश में 1.54 करोड़ से ज्यादा बिजनेस GST के तहत रजिस्टर्ड हैं।
GST Registration :
सरकार ने आज अक्टूबर महीने के GST कलेक्शन के आंकड़े भी जारी किए हैं। अक्टूबर में कुल ₹1.96 लाख करोड़ रुपये GST से जुटाए गए, जो पिछले वर्ष के समान महीने के ₹1.87 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 4.6% अधिक है। इससे पहले सितंबर में ₹1.89 लाख करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ था। अप्रैल 2025 में अब तक का रिकॉर्ड ₹2.37 लाख करोड़ रुपये का GST संग्रह हुआ था।
GST कलेक्शन को देश की आर्थिक सेहत का प्रमुख संकेतक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बढ़ता कलेक्शन मजबूत घरेलू खपत और बेहतर टैक्स अनुपालन का परिणाम है। KPMG इंडिया के नेशनल हेड अभिषेक जैन ने कहा कि “यह संकेत देता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिर और मजबूत दिशा में आगे बढ़ रही है।”
GST Registration :
गौरतलब है कि देश में 1 जुलाई 2017 से GST लागू किया गया था। इसके तहत केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को समाप्त कर एकीकृत टैक्स व्यवस्था शुरू की गई थी। फिलहाल GST के चार टैक्स स्लैब 5%, 12%, 18% और 28% हैं, जबकि आम जरूरत की वस्तुओं पर टैक्स दरें कम रखी गई हैं।








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