टीकमगढ़ (पलेरा)। Tikamgarh Farmers Protest: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में रबी फसलों की बोआई के ऐन वक्त पर खाद की भारी किल्लत एक बार फिर किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। जिला प्रशासन द्वारा लागू की गई टोकन व्यवस्था और सुचारू वितरण के तमाम दावों के बावजूद जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। ताजा मामला पलेरा का है, जहां कई दिनों से खाद के लिए भटक रहे किसानों का सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने पलेरा-जतारा मुख्य मार्ग पर मंडी गेट के बाहर जोरदार चक्काजाम कर दिया।
किसानों के अचानक सड़क पर उतरकर बैठ जाने के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसानों का आरोप है कि उन्हें टोकन काटने के बाद भी खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। पूर्व में फार्मिंग आईडी में कमियों और सर्वर ठप होने का हवाला दिया जाता था, लेकिन अब सर्वर चालू होने के बाद भी वितरण केंद्रों से खाद नहीं दी जा रही है।
खाद की किल्लत से परेशान किसानों ने टीकमगढ़ के पलेरा-जतारा मार्ग पर चक्काजाम कर विरोध जताया। किसानों ने खाद वितरण की टोकन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग की।
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— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) October 31, 2026
भारतीय किसान संघ के नेता जहर सिंह यादव और स्थानीय पीड़ित किसानों ने बताया कि रबी सीजन की बोआई का समय निकला जा रहा है। किसान सुबह से ही कतारों में खड़े रहते हैं, लेकिन शाम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ता है। मंडी गेट पर प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांग है कि टोकन व्यवस्था की खामियों को तुरंत दूर कर पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी (DAP) खाद का वितरण सुनिश्चित कराया जाए।
उल्लेखनीय है कि जिले में खाद संकट को लेकर किसान लंबे समय से परेशान हैं। पलेरा में हुए इस उग्र चक्काजाम और विरोध प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खबर लिखे जाने तक प्रशासनिक अधिकारी किसानों को समझाइश देकर सड़क से हटाने और खाद वितरण का आश्वासन देने में जुटे हुए थे।