Raipur Solar Panel Accident: रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के रिहायशी इलाके से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रोफेसर कॉलोनी में शनिवार को एक घर की छत पर सोलर पैनल इंस्टॉलेशन (Solar Panel Installation) के दौरान बड़ा हादसा हो गया। यहाँ काम कर रहे दो युवा सोलर टेक्निशियन वहां से गुजर रही हाईटेंशन (High Tension) बिजली लाइन की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना जोरदार था कि दोनों युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
मृतकों की हुई पहचान, दोनों की उम्र थी बेहद कम
पुलिस से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान प्रमोद चंद्राकर (उम्र 25 वर्ष) और आशीष चंद्राकर (उम्र 19 वर्ष) के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक बतौर सोलर टेक्निशियन/मजदूर काम करते थे और शनिवार को प्रोफेसर कॉलोनी स्थित एक निजी मकान की छत पर सोलर प्लेट्स फिट करने पहुंचे थे। काम के दौरान उनके साथ एक अन्य मजदूर भी वहां मौजूद था, जो इस हादसे में बाल-बाल बच गया।
काम के दौरान हुआ जानलेवा संपर्क
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, शनिवार दोपहर जब तीनों मजदूर छत पर सोलर पैनल की असेंबलिंग और फिटिंग का काम कर रहे थे, तभी कड़कड़ाती धूप और काम की व्यस्तता के बीच उनका ध्यान छत के बेहद करीब से गुजर रही हाईवोल्टेज हाईटेंशन लाइन की ओर नहीं गया। लोहे के फ्रेम या पैनल को व्यवस्थित करने के दौरान वह ढांचा अचानक हाईटेंशन तार से छू गया। तार में प्रवाहित हो रहे भारी करंट ने प्रमोद और आशीष को बुरी तरह जकड़ लिया और उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी
घटना की भयावहता को देखकर आसपास के लोगों ने तुरंत इसकी सूचना बिजली विभाग और स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुरानी बस्ती थाना पुलिस की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने बिजली आपूर्ति बंद करवाकर दोनों युवकों के शवों को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए मेकाहारा (भीमराव अंबेडकर अस्पताल) भेज दिया है।
इस घटना के बाद से मृतक युवकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुरानी बस्ती पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और इस बात की विधिक जांच कर रही है कि क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी या यह महज एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी। साथ ही, घनी आबादी वाले क्षेत्र में मकान की छत के इतने करीब से हाईटेंशन लाइन के गुजरने को लेकर भी सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।







