रायपुर। Nishaanebaz.com-Balrampur Damaged Bridge Minister Ramvichar Netam Statement: बलरामपुर जिले में ग्राम सड़क योजना के तहत हाल ही में बनाए गए पुल के पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त होने के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। रायपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश के कृषि एवं विकास मंत्री रामविचार नेताम ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री नेताम ने कहा कि वे मामले की पूरी जानकारी मंगा रहे हैं और यदि जांच के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता खराब पाई जाती है तो किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा की बैठक को लेकर भी संगठन की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बीजेपी संगठन ने अलग-अलग वर्गों के अध्ययन और संवाद के लिए विशेष मोर्चों की व्यवस्था की है, जिनका मुख्य उद्देश्य संगठन को सर्वस्पर्शी और सर्वग्राही बनाना है। मंत्री ने बताया कि किसान मोर्चा समय-समय पर किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याओं और दायित्वों का अध्ययन कर रिपोर्ट संगठन को सौंपता है। इसी मोर्चा की मांगों के आधार पर राज्य में सरकार बनने के बाद किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी सुनिश्चित की गई और वर्ष 2023 से पहले का बकाया बोनस भी किसानों के खातों में हस्तांतरित किया गया।
कांग्रेस द्वारा प्रदेश में आदिवासी मुद्दों को लेकर बड़े पैमाने पर आंदोलन की तैयारी करने के सवाल पर मंत्री रामविचार नेताम ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजनीतिक समय चक्र के हिसाब से कांग्रेस अलग-अलग वर्गों को साधने का प्रयास करती है। कभी किसानों, कभी महिलाओं तो कभी युवाओं के पास जाने की बात करने वाली कांग्रेस को अब अचानक एसटी वर्ग की याद आ रही है। मंत्री ने दावा किया कि राज्य की जनता और आदिवासी समाज का कांग्रेस पर से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है और वे विपक्ष के बहकावे में नहीं आने वाले हैं।
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इसके अलावा, झीरम घाटी मामले पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि चूंकि यह पूरा विषय माननीय न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है, इसलिए इस पर कोई भी सीधी टिप्पणी करना उचित नहीं है। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी की आंतरिक गुटबाजी और खींचतान समय-समय पर सार्वजनिक रूप से उजागर होती रहती है, जो हाल के दिनों में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए गए विरोधाभासी बयानों से भी पूरी तरह साफ दिखाई देती है।





