Free Aadhaar Services: नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देश के करोड़ों नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण डिजिटल कदम उठाया है। अब नागरिकों को अपने आधार से जुड़ी ईमेल आईडी को जोड़ने या उसमें सुधार करने के लिए कड़कड़ाती धूप और लंबी लाइनों में लगकर आधार सेवा केंद्र (Aadhaar Seva Kendra) जाने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। यूआईडीएआई ने अपने आधिकारिक मोबाइल एप्लीकेशन पर एक नया यूजर-फ्रेंडली फीचर लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से लोग सीधे अपने स्मार्टफोन से ही ईमेल आईडी अपडेट कर सकेंगे।
1 जुलाई से लागू हुई सेवा, छह महीने तक रहेगी पूरी तरह मुफ्त
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी विधिक और प्रशासनिक बयान के अनुसार, इस आधुनिक और डिजिटल सुविधा को 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। आम जनता को डिजिटल माध्यमों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने घोषणा की है कि यह विशेष सेवा शुरूआती छह महीने तक नागरिकों के लिए पूरी तरह से मुफ्त (Free of Cost) उपलब्ध रहेगी। इस समयावधि के भीतर कोई भी नागरिक बिना किसी शुल्क के अपनी जानकारी को संशोधित कर सकता है।
शुरुआती दो दिनों में ही बना रिकॉर्ड, डिजिटल विशेषज्ञों ने सराहा
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस नई डिजिटल सेवा को लेकर देश की जनता में भारी उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। सेवा लॉन्च होने के शुरुआती 48 घंटों (दो दिनों) के भीतर ही करीब 2.5 लाख से अधिक यूजर्स ने इस प्लेटफॉर्म का सफलतापूर्वक उपयोग करके अपनी ईमेल आईडी को अपडेट व सत्यापित कर लिया है। यूआईडीएआई ने स्पष्ट किया है कि यह आधिकारिक ऐप एंड्रॉयड (Android) और आईओएस (iOS) दोनों प्लेटफॉर्म पर मुफ्त डाउनलोड के लिए उपलब्ध है।
रियल-टाइम नोटिफिकेशन से बढ़ेगी सुरक्षा और पारदर्शिता
इस तकनीकी सुधार का सबसे बड़ा रणनीतिक और सुरक्षात्मक फायदा यह बताया जा रहा है कि एक बार आधार से ईमेल आईडी विधिक रूप से लिंक होने के बाद, जब भी देश में कहीं भी उस आधार का उपयोग करके कोई ऑथेंटिकेशन (प्रमाणीकरण) रिक्वेस्ट भेजी जाएगी या ओटीपी जेनरेट होगा, तो संबंधित यूजर को तुरंत उसके रजिस्टर्ड ईमेल पर ‘रियल-टाइम’ (Real-time) नोटिफिकेशन अलर्ट प्राप्त हो जाएगा। इससे डिजिटल धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और पहचान की चोरी (Identity Theft) जैसे मामलों पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सकेगी।
डिजिटल और साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि यूआईडीएआई का यह कदम भारत की डिजिटल पहचान व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत व अभेद्य बनाएगा। प्राधिकरण ने देश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस सीमित समय की मुफ्त सुविधा का लाभ उठाकर अपने विवरण को अपडेट रखें ताकि भविष्य में किसी भी विधिक या कल्याणकारी सरकारी योजना का लाभ उठाने में उन्हें किसी भी प्रकार की तकनीकी रुकावट का सामना न करना पड़े।







