Operation Clean Hunt 2026: गौरी शंकर गुप्ता/धरमजयगढ़/रायगढ़: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन पर रायगढ़ जिले में लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। धरमजयगढ़ पुलिस ने मानव तस्करी (Human Trafficking) के एक बेहद गंभीर और जघन्य मामले में पिछले चार वर्षों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे मुख्य आरोपी रामा चौहान को पड़ोसी जिले जशपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम ने आरोपी के गृहग्राम में घेराबंदी कर उसे दबोचा, जिसके बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
2022 में रची गई थी नाबालिग को ₹20,000 में बेचने की साजिश
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे सनसनीखेज मामले की शुरुआत 28 जून 2022 को हुई थी, जब धरमजयगढ़ थाने में एक पीड़ित पिता ने अपनी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान अपहृत बालिका को मध्य प्रदेश के अनूपपुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने दो संदिग्धों के चंगुल से छुड़ाया था। पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में खुलासा हुआ था कि आरोपी हीरालाल चौहान, देवलाल तिग्गा, रामपाल यादव और रामा चौहान ने मिलकर नाबालिग को बहला-फुसलाकर राजस्थान ले जाने और वहां शादी के नाम पर महज ₹20,000 में बेचने की खौफनाक साजिश रची थी।
3 आरोपी पहले ही जा चुके थे जेल, रामा चौहान चल रहा था फरार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्कालीन समय में ही भादवि की धारा 343, 365, 370, 370(ए) और 120(बी) के तहत मानव तस्करी और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया था। साल 2022 में ही तीन मुख्य आरोपियों को जेल भेज दिया गया था, लेकिन रामा चौहान (35 वर्ष) लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ कोर्ट में धारा 173(8) CrPC के तहत गिरफ्तारी शेष का चालान भी पेश किया था।
जशपुर के जोराडोल में पुलिस ने मारी रेड
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के कड़े रुख के बाद “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत जब पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए, तो मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी रामा चौहान जशपुर जिले के पत्थलगांव क्षेत्र अंतर्गत अपने गृहग्राम जोराडोल आया हुआ है। सूचना मिलते ही धरमजयगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने स्थानीय इनपुट के आधार पर गांव में दबिश दी और आरोपी को धर दबोचा। इस सफल कार्रवाई में एएसआई मंजु मिश्रा, महिला आरक्षक सोनम भगत और आरक्षक अलेक्सियुस एक्का की मुख्य भूमिका रही। एसएसपी ने साफ संदेश दिया है कि मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों में संलिप्त किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितने ही सालों से फरार क्यों न हो।







