Crime Updates Durg: भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक; जानें दुर्ग विद्युत यांत्रिकी विभाग घूसकांड की पूरी इनसाइड स्टोरी

Crime Updates Durg: दुर्ग| छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। यहां एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय विभाग के भीतर चल रहे घूसखोरी के खेल का भंडाफोड़ किया है। एसीबी ने विद्युत यांत्रिकी विभाग (Electrical and Mechanical Department) में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 के कर्मचारी को ₹10,000 की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। हैरान कर देने वाली बात यह है कि आरोपी ने किसी बाहरी व्यक्ति से नहीं, बल्कि अपने ही विभाग के एक पीड़ित बाबू (सहकर्मी) से उसके भविष्य निधि (PF) की वैध राशि जारी करने के एवज में इस रकम की मांग की थी।

बेटी की शादी के लिए निकाल रहा था पीएफ का पैसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरा मामला दुर्ग के विद्युत यांत्रिकी विभाग का है। यहां कार्यरत एक पीड़ित बाबू को अपनी बेटी के विवाह के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। इसके लिए उसने नियमानुसार अपने जमा पीएफ खाते से ₹5 लाख की राशि अग्रिम (Advance) निकालने के लिए कार्यालय में विधिवत आवेदन प्रस्तुत किया था। आरोप है कि इस आवेदन की फाइल को आगे बढ़ाने और राशि जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर वहां पदस्थ सहायक ग्रेड-2 शिव कुमार ठाकुर ने पीड़ित पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। उसने काम करने के बदले ₹10,000 की रिश्वत की मांग की।

पीड़ित ने नहीं मानी हार, सीधे ACB से कर दी शिकायत

बेटी की शादी के खर्चों के बीच अपने ही हक के पैसों के लिए घूस मांगे जाने से परेशान पीड़ित बाबू ने भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय कानून का रास्ता चुना। उसने चुपके से इस पूरे मामले की लिखित शिकायत रायपुर/दुर्ग एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के आला अधिकारियों से कर दी। एसीबी ने प्राथमिक तस्दीक में शिकायत को सही पाया और आरोपी को कड़े सबक सिखाने के लिए जाल (Trap) बिछाया।

केमिकल लगे नोटों के साथ दबोचा गया रिश्वतखोर

तय रणनीति के मुताबिक, गुरुवार को जैसे ही पीड़ित बाबू ने विभाग के दफ्तर के भीतर आरोपी सहायक ग्रेड-2 शिव कुमार ठाकुर को रिश्वत के ₹10,000 सौंपे, आसपास सादे कपड़ों में मुस्तैद खड़ी एसीबी की विशेष टीम ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा। पुलिस ने जब आरोपी के हाथ धुलवाए तो केमिकल के कारण उनका रंग गुलाबी हो गया, जो घूस लेने का पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य है। एसीबी की टीम ने मौके से रिश्वत की रकम जब्त कर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। कार्यालय के अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने पहले भी ऐसे कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories