वोटर लिस्ट : पटना/ बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को वोटर लिस्ट रिवीजन के पहले चरण का मसौदा प्रकाशित किया है, जिसमें 65 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। इससे राज्य में सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 7.24 करोड़ रह गई है, जबकि पूर्व में यह संख्या 7.89 करोड़ थी। यानी, कुल 65 लाख 31 हजार 332 मतदाताओं को सूची से हटा दिया गया है।
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प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भागलपुर जिले में सबसे अधिक 2 लाख 44 हजार 612 वोटर्स के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इसके बाद पश्चिमी चंपारण में 1 लाख 91 हजार 376, सारण में 2 लाख 73 हजार, सुपौल में 1 लाख 28 हजार 207, किशनगंज में 1 लाख 45 हजार 913, और सहरसा में 1 लाख 31 हजार 596 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
अन्य जिलों में भी कई मतदाताओं के नाम सूची से गायब पाए गए हैं:
- बक्सर: 87,645
- शेखपुरा: 26,256
- खगड़िया: 79,551
यह प्रक्रिया राज्य में ‘स्वच्छ मतदाता सूची अभियान’ के तहत की गई है जिसमें मृत, स्थानांतरित या दोहराए गए नामों को हटाया गया है।
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि जिन लोगों के नाम गलती से हटा दिए गए हैं या नए मतदाता जो नाम जोड़ना चाहते हैं, उनके लिए 2 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक विशेष नामांकन अभियान चलाया जाएगा।
यह विशेष अभियान सभी प्रखंड सह अंचल कार्यालयों, नगर परिषद, नगर निकाय, और नगर निगम कार्यालयों में संचालित किया जाएगा। कैंपों में कर्मचारी प्रत्येक दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उपस्थित रहेंगे। रविवार को भी विशेष व्यवस्था रहेगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने सभी बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को निर्देश दिए हैं कि वे दिव्यांगजन और बुजुर्ग नागरिकों के घर जाकर उनके आवेदन स्वीकार करें ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले सकें।











