निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : नेपाल में नई सरकार के गठन के साथ ही राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। प्रधानमंत्री बालेन शाह के शपथ ग्रहण के महज 24 घंटे के भीतर ही देश में बड़ा राजनीतिक एक्शन देखने को मिला है।
पूर्व पीएम और गृह मंत्री गिरफ्तार
शनिवार (28 मार्च) को पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को उनके भक्तपुर स्थित आवास से हिरासत में लिया गया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई गृह मंत्रालय में दर्ज औपचारिक शिकायत के बाद की गई।
छात्रों की मौत से जुड़ा मामला
यह गिरफ्तारी ‘जेन-जी’ प्रदर्शन के दौरान छात्रों की मौत के मामले में की गई है। जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान निहत्थे छात्रों पर गोली चलाई गई, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना के लिए दोनों नेताओं को जिम्मेदार ठहराया गया है।
कैबिनेट बैठक में लिया गया फैसला
प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह ने तुरंत कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में जांच आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का निर्णय लिया गया। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की।
Read More : M.P News : भोपाल में गेहूं की खड़ी फसल में भीषण आग, 15 एकड़ राख, किसानों को बड़ा नुकसान
10 साल की सजा का प्रावधान
अगर पूर्व प्रधानमंत्री ओली पर लगे आरोप साबित होते हैं, तो उन्हें 10 साल तक की सजा हो सकती है। गौरतलब है कि ‘जेन-जी’ प्रदर्शन के चलते ही उनकी सरकार को सत्ता से बाहर होना पड़ा था।
सुरक्षा बलों की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच रिपोर्ट में नेपाल पुलिस, आर्म्ड पुलिस फोर्स और सेना के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि अब तक सुरक्षा बलों पर सीधी कार्रवाई नहीं हुई है। सरकार ने इन मामलों की जांच के लिए अलग से एक समिति गठित की है।
नई सरकार का सख्त संदेश
इस कार्रवाई को नई सरकार के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि कानून के दायरे में सभी को जवाबदेह ठहराया जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो।











