Nepal Flash Flood: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क– पड़ोसी देश नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने बड़े स्तर पर तबाही मचा दी है। आपदा के कई दिन बाद भी राहत और बचाव का काम जारी है। मलबे और कीचड़ के बीच से लगातार शव मिलने की खबरें सामने आ रही हैं। हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।अब तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक इस आपदा में 469 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं नेपाली सरकार के अनुसार बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। इनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
नेपाल फ्लैश फ्लड के बाद प्रभावित इलाकों में सेना और दूसरे बचाव दल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। बचावकर्मियों को कई जगहों पर मलबे में शव मिल रहे हैं। कुछ स्थानों पर मानव शरीर के अलग-अलग हिस्से भी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।नदियों के आसपास जमा भारी कीचड़ और मलबे ने राहत कार्य को मुश्किल बना दिया है। बचाव दल उन इलाकों में भी पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जहां बाढ़ के कारण सड़क और संपर्क व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
1500 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर
नेपाल फ्लैश फ्लड के बाद लापता लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। नेपाली सरकार की ओर से 1500 से अधिक लोगों के लापता होने की बात कही गई है। वहीं पुलिस के एक बयान में 910 लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई है।प्रभावित इलाकों में अपने परिजनों की तलाश कर रहे लोग अस्पतालों और दूसरे राहत केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। कई परिवारों को अभी तक अपने रिश्तेदारों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
290 भारतीयों की तलाश ने बढ़ाई चिंता
इस प्राकृतिक आपदा में भारत के भी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 290 भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं। इस खबर के बाद भारत में भी कई परिवारों की चिंता बढ़ गई है।भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार अब तक 84 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें त्रिशूली-1 नदी पर बन रही जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले 63 श्रमिक और तमिलनाडु के 21 लोग शामिल हैं।
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हेलीकॉप्टर से सैकड़ों लोगों का रेस्क्यू
नेपाल फ्लैश फ्लड के बाद नेपाली सेना ने बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया है। नेपाल पुलिस के मुताबिक प्रभावित इलाकों से अब तक 796 लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाला गया है।इनमें करीब 50 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। सेना और बचाव दल अभी भी उन क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं, जहां लोग बाढ़ और मलबे के बीच फंसे हो सकते हैं।
झील टूटने का नया खतरा, फिर आ सकती है बाढ़
बाढ़ का पानी तिब्बत की तरफ से नेपाल में पहुंचने की बात सामने आई है। इसके बाद एक और चिंता ने प्रशासन की मुश्किल बढ़ा दी है। जिस इलाके में पानी जमा हुआ है, वहां दोबारा झील टूटने का खतरा बताया जा रहा है।अगर जमा पानी अचानक बाहर निकलता है तो निचले इलाकों में फिर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इसी आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है।
भारत समेत कई देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ
नेपाल की इस आपदा के बाद कई देशों ने मदद की पेशकश की है। भारत ने राहत और बचाव के लिए सहयोग शुरू कर दिया है। अमेरिका ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए 5 लाख डॉलर देने की घोषणा की है।वहीं ब्रिटेन ने 50 लाख पाउंड की सहायता और आपातकालीन टीम भेजने की बात कही है। श्रीलंका ने भी 10 लाख डॉलर की मदद देने का ऐलान किया है।
28 से ज्यादा देशों के नागरिकों की तलाश
इस आपदा का असर केवल नेपाल तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक 28 से ज्यादा देशों के नागरिक लापता बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि नेपाल में चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर में है।फिलहाल सेना, पुलिस और दूसरे राहत दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। मलबे से लगातार शव मिलने और दोबारा बाढ़ की आशंका के बीच राहत टीमों के सामने चुनौती अभी भी बड़ी है।





