नई दिल्ली। Nishaanebaz.com-JK And Ladakh Voter List Revision: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इस साल मतदाता सूची का ‘स्पेशल समरी रिविजन’ (SSR) नहीं आयोजित किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग ने देश के कई अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया पहले ही संपन्न करा ली है, जबकि कुछ स्थानों पर यह अंतिम चरण में है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अब आगामी वर्ष जनगणना की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) की शुरुआत की जाएगी।
आम तौर पर मतदाता सूची संशोधन का यह कार्य 1 सितंबर से 31 दिसंबर की अवधि के दौरान निष्पादित किया जाता है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में नवंबर माह से मार्च तक कड़ाके की ठंड और प्रतिकूल मौसम बना रहता है। मौसम की परिस्थितियों और प्रशासनिक तैयारियों को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग इन क्षेत्रों में सर्दियों का मौसम बीतने के बाद, संभवतः मार्च महीने से इस प्रक्रिया को शुरू करने की योजना बना रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देश भर में तीसरे चरण का कार्य पूर्ण होने के साथ ही केवल जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश को छोड़कर शेष पूरे भारत में पुनरीक्षण का काम पूरा हो जाएगा। स्पेशल इलेक्टोरल रोल रिवीजन के आगामी शेड्यूल को देखते हुए 1 सितंबर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में नियमित SSR प्रक्रिया स्थगित रखी गई है। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2024 में विधानसभा चुनावों से पूर्व समरी रिविजन किया गया था, जिसके बाद सितंबर-अक्टूबर 2024 में चुनाव संपन्न कराए गए थे।
राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में रोहिंग्याओं और अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की मौजूदगी से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए SIR की प्रक्रिया बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण हो जाती है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय समिति ने क्षेत्र में जनसांख्यिकीय बदलावों और अवैध प्रवासियों की स्थिति का अध्ययन करने के लिए जम्मू का तीन दिवसीय दौरा किया था। ऐसी आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं कि कुछ अवैध प्रवासियों ने हेरफेर के माध्यम से पहचान पत्र और मतदाता कार्ड हासिल कर लिए हैं, जिनकी गहन जांच SIR प्रक्रिया के दौरान की जाएगी।





