जबलपुर:पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा नर्मदा नदी को लेकर सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस पोस्ट में नर्मदा घाट की कथित बदहाल स्थिति को दर्शाने वाली एक तस्वीर साझा की गई थी। अब इस मामले पर मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय सिंह के दावों को भ्रामक बताया है।
“पोस्ट की गई तस्वीर बेहद पुरानी” – राकेश सिंह
PWD मंत्री राकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीर वर्तमान स्थिति को नहीं दर्शाती। उनका कहना है कि यह फोटो कई वर्ष पुरानी है और मौजूदा हालात से इसका कोई संबंध नहीं है। मंत्री ने कहा कि वर्तमान में संबंधित नर्मदा घाट का संपूर्ण सौंदर्यीकरण किया जा चुका है और वहां अब गंदा पानी दिखाई नहीं देता।
राज्य शासन की योजना से हो रहा घाटों का विकास
राकेश सिंह ने बताया कि नर्मदा नदी के तटों के सौंदर्यीकरण और संरक्षण के लिए राज्य सरकार की एक सुव्यवस्थित और दीर्घकालिक योजना के तहत काम किया जा रहा है। घाटों को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से विकसित किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।
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सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से रोका जा रहा गंदा पानी
मंत्री ने कहा कि नर्मदा में गंदा पानी जाने से रोकने के लिए आधुनिक सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की व्यवस्था की गई है। शहरों से निकलने वाला गंदा पानी अब सीधे नदी में न जाकर उपचार संयंत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। इससे नर्मदा की पवित्रता और जैव विविधता दोनों सुरक्षित रहेंगे।
भ्रम फैलाने से बचें – मंत्री की अपील
राकेश सिंह ने बिना नाम लिए कहा कि सोशल मीडिया पर पुरानी तस्वीरें साझा कर जनता को भ्रमित करना अनुचित है। उन्होंने अपील की कि नर्मदा जैसी आस्था और पर्यावरण से जुड़ी नदी को राजनीतिक विवाद का विषय न बनाया जाए।
राकेश सिंह, PWD मंत्री
“नर्मदा में अब गंदा पानी नहीं जा रहा है। घाटों का सौंदर्यीकरण राज्य शासन की योजना से हो चुका है। जो तस्वीरें साझा की जा रही हैं, वे पुरानी हैं और आज की वास्तविकता को नहीं दर्शातीं।”











