Education Department CG: मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के भीतर शासकीय शिक्षा व्यवस्था में कड़ा अनुशासन, समयबद्धता और उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक बेहद कड़ा विधिक रुख अख्तियार कर लिया है। मुंगेली कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के कुशल मार्गदर्शन एवं रणनीतिक दिशा-निर्देशन में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) श्री एल.पी. डाहिरे ने जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों के शासकीय विद्यालयों का औचक (आकस्मिक) निरीक्षण किया।
इस विशेष विधिक निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला केसली, पूर्व माध्यमिक शाला टेढ़ाधौरा तथा शासकीय हाई स्कूल टेढ़ाधौरा अपने निर्धारित शासकीय समय से काफी पहले ही बंद पाए गए, जिस पर गहरी नाराजगी जताते हुए विभाग ने बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की विसर्जन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
न बच्चे मिले न मास्टर साहब, शाला परिसरों में लटके मिले विधिक ताले
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण के दौरान तीनों शिक्षण संस्थानों में बेहद निराशाजनक और गैर-जिम्मेदाराना स्थिति देखने को मिली। निर्धारित समय-सारणी के विपरीत स्कूलों में न तो कोई शैक्षणिक गतिविधियां संचालित होती मिलीं और न ही कोई शिक्षक, शिक्षिका अथवा संस्था प्रमुख (प्रधानाध्यापक/प्राचार्य) मौके पर उपस्थित पाए गए।
पूरा स्कूल स्टाफ समय से पूर्व ही विधिक दायित्वों का उल्लंघन करते हुए शाला में ताला जड़कर नदारद हो चुका था। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के भविष्य के साथ किए जा रहे इस सरेआम खिलवाड़ और गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को जिला शिक्षा अधिकारी ने विधिक रूप से अत्यंत संवेदनशीलता से लिया।
‘नो वर्क नो पे’ के सिद्धांत पर कटेगा एक दिन का वेतन, सेवा पुस्तिका में दर्ज होगी विभागीय कार्रवाई
इस घोर विधिक लापरवाही और शासकीय नियमों की अवहेलना पर त्वरित एक्शन लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी श्री एल.पी. डाहिरे ने संबंधित सभी दोषी शिक्षकों, व्याख्याताओं और संस्था प्रमुखों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के विधिक निर्देश जारी कर दिए हैं।
उन्होंने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि कर्तव्य से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण संबंधित सभी कार्मिकों का उक्त निरीक्षण दिवस का एक दिन का विधिक वेतन काटा जाएगा (वेतन कटौती)। इसके अतिरिक्त, शासकीय सेवा नियमों के उल्लंघन के आरोप में इन सभी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक विभागीय जांच भी संस्थित की जा रही है।
लापरवाही और उदासीनता अब नहीं होगी बर्दाश्त, जिले भर के प्राचार्यों को सख्त हिदायत
मुंगेली डीईओ ने जिले के समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO), संकुल समन्वयकों, प्राचार्यों और शिक्षकों को विधिक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि विद्यालयों में समयबद्ध उपस्थिति और नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य संचालित करना सभी की प्राथमिक और विधिक जिम्मेदारी है। छात्र हित सर्वोपरि है और इसमें किसी भी स्तर पर बरती जाने वाली शिथिलता, उदासीनता या मनमानी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने सभी संस्था प्रमुखों को कड़ाई से निर्देशित किया है कि वे शासन द्वारा निर्धारित विद्यालय संचालन समय का शत-प्रतिशत पालन करें, अन्यथा भविष्य में पकड़े जाने पर सीधे विधिक निलंबन (सस्पेंशन) की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।







