निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार (20 फरवरी) को राज्य के 17 जिलों में बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई है। प्रदेश के उत्तरी, पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय होने के कारण अगले चार दिनों तक आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
इन जिलों में हुई बारिश
प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश उज्जैन में 24 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा शाजापुर, देवास, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, झाबुआ, इंदौर, भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, सागर, छतरपुर, पन्ना और सतना में भी वर्षा हुई।सीहोर में तेज हवाएं चलीं, जहां हवा की रफ्तार 41 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची।
तापमान में आई गिरावट
पिछले 24 घंटों में रीवा, सागर, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में बारिश दर्ज की गई। चंबल संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट रिकॉर्ड की गई, जिससे ठंड का अहसास फिर बढ़ गया है।
शहडोल जिले का कल्याणपुर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उमरिया में 12.4°C, राजगढ़ में 12.5°C, दतिया में 12.6°C तथा अमरकंटक और रीवा में 12.8°C न्यूनतम तापमान रहा।
पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे सर्द रहा, जहां न्यूनतम तापमान 14.6°C दर्ज हुआ। जबलपुर में 15°C, भोपाल में 16.2°C, इंदौर में 16.4°C और उज्जैन में 16.5°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं खरगोन में अधिकतम तापमान 33.4°C दर्ज हुआ।
20 जिलों में यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, सतना और रीवा समेत 20 जिलों में आंधी के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। रायसेन, कटनी, जबलपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर और अशोकनगर सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ का भी असर
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 22 फरवरी को हिमालयी क्षेत्रों से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ेगा। इसके चलते प्रदेश में अगले चार दिनों तक बादल, आंधी और बारिश का दौर बना रह सकता है।फिलहाल ‘MP Weather Rain Alert’ को देखते हुए किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।













