निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव अब और ज्यादा दिलचस्प हो गए हैं। तीन सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर सियासी हलचल तेज कर दी है।
बीजेपी के एल मुरुगन, डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, ऐसे में नई रणनीतियों के साथ सभी दल मैदान में उतर रहे हैं।
दिग्विजय सिंह की सीट पर बढ़ी चुनौती
कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चिंता दिग्विजय सिंह वाली सीट को लेकर बढ़ती जा रही है। अब तक सीधा मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा था, लेकिन BAP की एंट्री ने समीकरण बदल दिए हैं।यदि मुकाबला त्रिकोणीय होता है, तो कांग्रेस के लिए यह सीट बचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

BAP ने मांगा दोनों दलों से समर्थन
भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने अपने उम्मीदवार के समर्थन के लिए कांग्रेस और बीजेपी दोनों के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखा है।डोडियार का यह कदम साफ संकेत देता है कि BAP इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाने की कोशिश कर रही है।
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बदलते सियासी समीकरण
मध्य प्रदेश की राजनीति में आदिवासी वोट बैंक का बड़ा महत्व है। ऐसे में BAP का यह कदम केवल एक चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति को साधने की कोशिश भी माना जा रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर BAP को किसी बड़े दल का समर्थन मिल जाता है, तो चुनाव का परिणाम चौंकाने वाला हो सकता है।
क्या बन सकती है किंगमेकर?
हालांकि विधानसभा में BAP के पास सीमित संख्या है, लेकिन करीबी मुकाबले में एक-एक वोट की अहमियत बढ़ जाती है।ऐसे में BAP की भूमिका किंगमेकर जैसी हो सकती है, जो तय करेगी कि किस दल का उम्मीदवार राज्यसभा पहुंचता है।
चुनाव में बढ़ेगा रोमांच
👉 कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश का यह राज्यसभा चुनाव अब सीधे मुकाबले से हटकर रणनीति और गठजोड़ की राजनीति की ओर बढ़ता दिख रहा है। BAP की एंट्री ने चुनाव को और ज्यादा रोचक और अनिश्चित बना दिया है।











