रीवा। Rewa TRS College Protest: मध्य प्रदेश के रीवा स्थित शासकीय टीआरएस महाविद्यालय (TRS College) में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम के दौरान जोरदार राजनीतिक हंगामा देखने को मिला। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने इस आयोजन को ‘भाजपा बचाओ अभियान’ करार देते हुए इसके खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। NSUI जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने कार्यक्रम में पहुँचे उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला से छात्रहित, शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े कई तीखे सवाल पूछे। इस दौरान NSUI ने पुलिस प्रशासन पर उनके कार्यकर्ताओं को करीब 5 घंटे तक महाविद्यालय परिसर में नजरबंद रखने का गंभीर आरोप भी लगाया।
सत्ता के दबाव में छात्रों को बैठाने और नजरबंद रखने का आरोप
NSUI का आरोप है कि महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा छात्रों से संवाद के नाम पर एक पत्र जारी किया गया था, लेकिन सत्ता के दबाव में प्राचार्य, प्रोफेसरों और शिक्षकों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जबरन इस राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बैठाया गया। दूर-दराज से आए विद्यार्थियों को 5 से 6 घंटे तक इंतजार कराया गया। छात्र नेताओं का आरोप है कि विद्यार्थियों को परिसर से बाहर जाने से रोका गया और जो छात्र वास्तव में अपनी बात रखना चाहते थे, उन्हें संवाद में शामिल होने का कोई अवसर नहीं दिया गया।
रीवा TRS कॉलेज में भाजपा कार्यक्रम के दौरान NSUI का विरोध, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला से पूछे सवाल।
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— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) November 2, 2026
संगठन का कहना है कि जब कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों से खुला संवाद करना था, तो केवल गिने-चुने और चिन्हित छात्र-छात्राओं को ही ऑडिटोरियम में क्यों ले जाया गया? उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला चुनिंदा विद्यार्थियों से संवाद करने के बाद रवाना हो गए, जबकि वास्तविक सवाल पूछने के इच्छुक छात्र अपनी बारी का इंतजार करते रह गए।
NSUI ने उपमुख्यमंत्री के सामने रखे ये 6 प्रमुख सवाल
भारी पुलिस बल की मौजूदगी और कड़े संघर्ष के बाद NSUI जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उप मुख्यमंत्री तक पहुँचकर निम्नलिखित प्रमुख सवाल उठाए:
- डबल इंजन सरकार पर सवाल: देश और प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन सरकार होने के बावजूद क्या सरकार स्वयं यह स्वीकार कर रही है कि उसके शासन में लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है, जिसके कारण ‘लोकतंत्र बचाने’ का कार्यक्रम करना पड़ रहा है?
- छात्रसंघ चुनाव: जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद सितंबर के प्रथम सप्ताह में छात्रसंघ चुनाव क्यों नहीं कराए गए? वर्ष 2016 से चुनाव बंद हैं, जबकि छात्रों से लगातार शुल्क वसूला जा रहा है, यह राशि कहाँ खर्च हो रही है?
- बुनियादी सुविधाएँ: टीआरएस महाविद्यालय में पेयजल प्लांट का कार्य अब तक अधूरा क्यों है? शुल्क लेने के बावजूद छात्रों को आईडी कार्ड तक उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।
- चुनाव आयोग: मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को हटाने के प्रावधानों पर सरकार का क्या रुख है?
- मतदाता सूची और SIR: SIR के तहत हटाए गए नामों में कितने लोगों को घुसपैठिया चिन्हित किया गया और रीवा में इनकी संख्या कितनी है? पुराने मतदाता दोबारा नाम कैसे जुड़वाएँ?
- पेपर लीक मुद्दे: महाविद्यालय में NEET जैसे गंभीर छात्रहित के मुद्दों पर चर्चा क्यों नहीं की गई? क्या शिक्षा का केंद्र किसी राजनीतिक दल का कार्यालय बन गया है?
“शिक्षा के मंदिरों को राजनीतिक मंच नहीं बनने देंगे”
NSUI जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कड़े शब्दों में कहा कि “यह टीआरएस महाविद्यालय है या भाजपा का कार्यालय? शिक्षा के मंदिरों को किसी राजनीतिक दल का मंच नहीं बनने दिया जाएगा। भाजपा अपने राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए छात्रों को जबरन भीड़ का हिस्सा बना रही है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास जारी रहा, तो संगठन और भी उग्र आंदोलन करेगा।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान अखंड सिंह बघेल, सिद्धार्थ द्विवेदी, जिला उपाध्यक्ष अमन द्विवेदी, टीआरएस कॉलेज अध्यक्ष शक्ति पाठक, श्रीजल द्विवेदी, अनुराग सिंह, अजय सिंह, श्रीजल चतुर्वेदी और नमो त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में छात्र नेता उपस्थित रहे।