Carbide gun injury : रीवा।जहाँ एक ओर प्रदेश के कई जिलों में जुगाड़ टेक्नोलॉजी से तैयार की जा रही ‘कार्बाइड गन’ से लोगों के घायल होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, ऐसे में रीवा जिले से एक राहत भरी खबर निकलकर सामने आई है। इस बार की दिवाली पर जुगाड़ टेक्नोलॉजी से तैयार की जाने वाली कार्बाइड गन से घायल होने का एक भी मामला संजय गांधी अस्पताल में सामने नहीं आया है।
Carbide gun injury : 14 फायर क्रैकर इंजुरी के मामले
इस संबंध में जानकारी देते हुए संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने बताया कि हमेशा की तरह इस बार भी अस्पताल प्रबंधन ने दिवाली को देखते हुए कैजुअल्टी सहित बर्न यूनिट को हाई अलर्ट मोड पर रखा था।
- इस बार की दिवाली में फायर क्रैकर (पटाखों) से घायल होकर लगभग 14 मरीज अस्पताल पहुंचे।
- इन सभी मरीजों की स्थिति सामान्य थी, जिसके चलते उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
- सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि कार्बाइड गन से घायल होने के चलते कोई भी मरीज ओपीडी में पंजीकृत नहीं हुआ।
Carbide gun injury : अन्य जिलों की स्थिति चिंताजनक
गौरतलब है कि प्रदेश के अन्य जिलों में कार्बाइड गन से घायल होने के मामले चिंताजनक रहे हैं। ग्वालियर जिले में 300 से भी अधिक और राजधानी भोपाल में 200 से अधिक मामले कार्बाइड गन से घायल होकर अस्पताल पहुंचे हैं। इन गंभीर मामलों के बाद, ग्वालियर जिला प्रशासन ने पूरी तरह से कार्बाइड गन के निर्माण और विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है।
रीवा में कार्बाइड गन इंजुरी का केस न आना जिला प्रशासन और लोगों की जागरूकता के लिए एक सकारात्मक संकेत है।











