MP News: जिले में ओवरलोड मैटेरियल लेकर चलने वाले भारी वाहनों की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है। शहर की मुख्य सड़कों से लेकर भीड़भाड़ वाले इलाकों तक बिना ढंके ओवरलोड सामग्री ढोने वाले ट्रक और ट्रैक्टर बेखौफ दौड़ रहे हैं।
इन वाहनों से गिरता कोयला, गिट्टी, रेत और मिट्टी न केवल सड़कों को गंदा कर रहा है, बल्कि आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी बनता जा रहा है।
हाल ही में ओवरलोड कोयला लदे एक ट्रक से गिरा मैटेरियल पास से गुजर रहे बाइक सवारों पर गिर गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना इस समस्या की गंभीरता को उजागर करती है।
शहर की सड़कों पर लगातार बढ़ रहा खतरा
जिला मुख्यालय वैढ़न सहित शहर के कई प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। गनियारी क्षेत्र से बीजपुर रोड की ओर आने वाले ओवरलोड वाहन अंबेडकर चौक, लाडली पथ और मॉडल रोड जैसे भीड़भाड़ वाले मार्गों से गुजरते हैं।
इसी तरह विंध्यनगर रोड और नवानगर रोड पर भी ओवरलोड ट्रकों का दबाव बढ़ रहा है। इन मार्गों से रोजाना स्कूली बच्चे, आम नागरिक और छोटे वाहन गुजरते हैं, ऐसे में गिरते मैटेरियल से दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।
ओवरलोड वाहनों की रफ्तार और लापरवाही के कारण कई बार सड़कों पर गिट्टी और कोयला फैल जाता है, जिससे दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बढ़ जाता है।
वहीं, भारी वाहनों से उड़ने वाली धूल आसपास के दुकानदारों और राहगीरों के लिए भी परेशानी का कारण बन रही है।
प्रदूषण और अव्यवस्था की बढ़ती समस्या
निर्माण सामग्री ढोने वाले अधिकांश वाहन बिना ढंके चलते हैं, जिससे रास्ते भर मैटेरियल गिरता रहता है। इससे सड़कें गंदी होती हैं और धूल का गुबार हवा में फैलता है।
यह स्थिति न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन रही है। लगातार उड़ती धूल से श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
इसके अलावा, सड़कों पर फैली गिट्टी और मिट्टी से यातायात बाधित होता है और जाम की स्थिति भी बनती है। बारिश के दौरान यही सामग्री कीचड़ का रूप ले लेती है, जिससे वाहन चालकों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
शहर में ओवरलोड वाहनों की खुलेआम आवाजाही के बावजूद खनिज विभाग, यातायात पुलिस, थाना पुलिस और नगर निगम की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इन विभागों की निगरानी व्यवस्था कहां है।
नियमों के अनुसार ओवरलोडिंग और बिना ढंके मैटेरियल ढोने पर कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन धरातल पर इनका पालन नहीं हो रहा। नगर निगम क्षेत्र में सड़कों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी होने के बावजूद गंदगी फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती नहीं की जा रही है।
यदि ऐसे वाहनों पर जुर्माना लगाया जाए और उन्हें ढंककर सामग्री ले जाने के निर्देश दिए जाएं, तो समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
हादसे से पहले जागे प्रशासन
MP News: शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्कूल समय में भारी वाहनों का आवागमन रोकना, ओवरलोडिंग पर सख्ती और बिना ढंके मैटेरियल ढोने पर जुर्माना जैसे कदम जरूरी हैं।
MP News: ओवरलोड वाहनों की यह समस्या अब केवल यातायात का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह शहर की सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय बन चुकी है। प्रशासन को चाहिए कि संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर अंकुश लगाए, ताकि सिंगरौली की सड़कों को सुरक्षित और स्वच्छ बनाया जा सके।











