सिंगरौली। सिंगरौली जिले में प्रशासनिक सक्रियता और तेज़ फैसलों के लिए पहचाने जाने वाले नवागत कलेक्टर गौरव बैनल ने एक मानवतावादी और संवेदनशील निर्णय लिया है, जिसने जिले के आम जनमानस में उनके प्रति सम्मान को और बढ़ा दिया है। कलेक्टर बैनल ने एनटीपीसी के सुरक्षित और आलीशान आवास को ठुकराते हुए जिला मुख्यालय बैढ़न स्थित सरकारी कलेक्टर आवास में सपरिवार रहने का निर्णय लिया।
जानकारी के अनुसार, यह परंपरा लगभग 15 साल पुरानी थी। 24 मई 2008 को सिंगरौली जिले के गठन के समय वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एनटीपीसी विंध्याचल के परिसर में आवास बनाए गए थे। समय बीतने के बाद भी कलेक्टर और एसपी इसी सुरक्षित परिसर में ही रहते आए, जिससे जनता के लिए सीधे संपर्क की संभावना लगभग समाप्त थी।
कलेक्टर बैनल ने इस “सुविधाजनक परंपरा” को प्रशासन और जनता के बीच दूरी का कारण माना। उनका मानना है कि “कलेक्टर का घर जनता से दूर नहीं, बल्कि जनता के बीच होना चाहिए।” उनके इस कदम से प्रशासनिक दृष्टि के साथ-साथ संवेदनशीलता और संवाद की नई मिसाल पेश हुई है।
इस निर्णय के बाद जिले में सकारात्मक माहौल बना है। अब आम नागरिक बिना किसी बाधा के सीधे अपने कलेक्टर तक पहुँच सकेंगे। शुक्रवार को कलेक्टर बैनल ने नए आवास का निरीक्षण किया, साफ-सफाई और व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। नगर निगम के कर्मचारियों में भी उत्साह देखा गया।
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सिंगरौली में कहा जा रहा है कि “कलेक्टर बैनल ने साबित कर दिया कि असली ताकत पद में नहीं, बल्कि जनता के बीच रहने की नीयत में होती है।” उनका यह कदम प्रशासनिक संवेदनशीलता और जनता के प्रति समर्पण का प्रतीक बन गया है।













